बढ़ी आमदनी, पर सुविधाएं घटीं

अनदेखी : प्रतिमाह सासाराम स्टेशन से डेढ़ करोड़ राजस्व की प्राप्ति ए श्रेणी का दर्जा प्राप्त स्टेशन के पास कई समस्याएं हैं. इसका निराकरण कब होगा यह भी बतानेवाला कोई नहीं है़ स्टेशन परिसर में न टेलीफोन बूथ है और न ही दवा दुकान ही है़ पार्किंग की भी सही व्यवस्था नहीं है़ चारों तरफ […]

अनदेखी : प्रतिमाह सासाराम स्टेशन से डेढ़ करोड़ राजस्व की प्राप्ति
ए श्रेणी का दर्जा प्राप्त स्टेशन के पास कई समस्याएं हैं. इसका निराकरण कब होगा यह भी बतानेवाला कोई नहीं है़ स्टेशन परिसर में न टेलीफोन बूथ है और न ही दवा दुकान ही है़ पार्किंग की भी सही व्यवस्था नहीं है़ चारों तरफ गंदगी दिख जायेगी़
सासारास : 18 करोड़ सालाना राजस्व देने वाले सासाराम स्टेशन की सुविधाएं घटती जा रही है. ‘ए’ श्रेणी का दर्जा प्राप्त स्टेशन के पास अपनी न तो चहारदीवारी है और न ही पब्लिक टेलीफोन बूथ. बहुत जरूरी आवश्यकताओं में से एक दवा का दूकान भी नदारत है. इस स्टेशन पर कुल 74 ट्रेनों का ठहराव होता है. इसमें दो ट्रेनें इसी स्टेशन से खुलती हैं. गंदगी व अवैध तरीके से हो रहे पार्किंग सहित कई अन्य समस्याओं से घीरे सासाराम स्टेशन के पास सुविधा बताने लायक कुछ भी नहीं है.
प्लेटफाॅर्म पर ट्रेनों के कोच को दर्शाने वाले कोच इंडिकेटर कई महीनों से खराब पड़ा है. ट्रेनों की आने-जाने के समय भी इंडिकेटर जस का तस बना रहता है. इसके कारण यात्रियों को परेशानी होती है. किस ट्रेन में कौन सा कोच किधर लगेगा इसकी जानकारी यात्रियों को नहीं है.
हैरान परेशान यात्री प्लेटफाॅर्म पर ट्रेनों के ठहराव होते ही इधर-उधर दौड़ लगाना शुरू कर देते हैं. जल्दबाजी में कई यात्रियों की जहां ट्रेन छूट जाती है. वहीं, कई भीड़ में गिर कर चोटिल हो जाते हैं. पर इसकी परवाह रेल कर्मियों को नहीं है.
नये यात्री विश्राम गृह में पेयजल अपूर्ति नहीं
लगभग एक वर्ष पहले बने यात्री विश्रामगृह में यात्रियों के सुख-सुविधा का ध्यान रखा गया है. इसका बकायदा उद्घाटन रेल राज्य मंत्री द्वारा कुछ माह पहले ही किया गया था, पर विडंबना यह है कि उक्त विश्रामगृह में यात्रियों के लिए पेयजल की व्यवस्था अब तक नहीं की गयी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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