अबला बन रही सबला

बिक्रमगंज (रोहतास) : कराटे की लय पर हाथ को भांजती अबला अब सबला बनने को बेकरार है. इनके हाथों को पकड़ना अब आसान नहीं, पलक झपकते ही हाथों को मरोड़ कर पटखनी देने में माहीर हो चुकी हैं लड़कियां. कई तो बेहतर प्रशिक्षण पा कर खुद प्रशिक्षक बन आर्थिक रूप से भी आत्मनिर्भर बन रही […]

बिक्रमगंज (रोहतास) : कराटे की लय पर हाथ को भांजती अबला अब सबला बनने को बेकरार है. इनके हाथों को पकड़ना अब आसान नहीं, पलक झपकते ही हाथों को मरोड़ कर पटखनी देने में माहीर हो चुकी हैं लड़कियां. कई तो बेहतर प्रशिक्षण पा कर खुद प्रशिक्षक बन आर्थिक रूप से भी आत्मनिर्भर बन रही है.
किसी कॉन्वेंट स्कूल की तरह एक ड्रेस में फुटबॉल, कैरम, गोला फेंक, कबड्डी व क्रिकेट जैसे खेल आज मिडिल व हाइ स्कूलों में भी आयोजित हो रहे हैं. मध्य विद्यालय नोनहर की कल्पना, छोटी, गौरी, निभा, आरती, खूशबू, अंशु आदि के एक स्वर से निकलते कराटे के आवाज यह बताने के लिए काफी है कि अब बेटियां अबला नहीं रही. पढ़ाई के दौरान एक घंटे के इस प्रशिक्षण का सभी लड़कियों को इंतजार रहता है. कराटे शुरू करने से पहले कराटे गुरु की सलामी होती है फिर शुरू होता है एक से बढ़ कर एक अंदाज में जारी रहता है.
मध्य विद्यालय नोनहर के हेडमास्टर विनोद प्रसाद साह ने बताया कि प्रशिक्षण सर्व शिक्षा अभियान सासाराम द्वारा आयोजित है. प्रशिक्षक विजय राज सिंह के साथ मध्य विद्यालय बिक्रमगंज की वर्ग सात की छात्रा दिपु कुमारी इस 50 दिवसीय कराटे प्रशिक्षण की सह प्रशिक्षक नियुक्त है. जिसे सरकार से 55 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से रोजी दी जायेगी व आने जाने को एक साइकिल व स्कूल ड्रेस भी दिया जायेगा.
मैंने अपने विद्यालय में 50 दिवसीय इस कराटे का बेहतर गुण सीखा जिससे प्रभावित हो प्रशिक्षक विजय राज सिंह ने नोनहर के प्रशिक्षण का सह प्रशिक्षक नियुक्त किया. मुझे नहीं पता था की मुझे क्या मिलने वाला है, मैं तो इस कराटे से प्रेम करती हूं व इसके प्रति मेरी लग्न ने मुझे प्रशिक्षक बना दिया.
आत्मरक्षा का जुनून : दिपू कुमारी द्वारा सिखाये जा रहे इस गुण को जी जान लगा कर सीखने का प्रयास करती लड़कियों में आत्म रक्षा का जुनून सवार है. निभा कुमारी ने कहा कि लड़कियों पर हो रहे अत्यचार की कहानी, तो घर-घर की है. इसे अपने ऊपर लागू नहीं होने देना है. कल्पना व छोटी का कहना है कि अब हमारे साथ होने वाले किसी भी दुर्व्यवहार का हम मुंह तोड़ जबाब देंगे. इसके लिए हमें आत्मरक्षा का गुण सीखना है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >