रेलवे तालाब के किनारे का किया गया अतिक्रमण
सासाराम (सदर) : शहर के धर्मशाला के समीप स्थित तालाब (रेलवे तालाब) का अस्तित्व समाप्त होने की कगार पर है़ तालाब के किनारों का अतिक्रमण कर लिया गया है. यहां खुले मीट व मुरगों की दुकानों से भी तालाब के अस्तित्व को खतरा है.
दुकानदारों द्वारा मीट व मुरगों के बचे अवशेषों को तालाब में फेंक दिया जाता हैं. इस कारण तालाब के पानी से दुर्गंध निकल रहा है. इस समय तालाब से इतना दुर्गंध निकल रहा है कि लोग किनारे से गुजरना भी नहीं चाहते हैं. इसके अलावा तालाब के समीप अवैध अवैध तरीके से बालू इकट्ठा किये जाने से लोगों को आने जाने में काफी परेशानी होती है.
बालू सहित अन्य समाग्री तालाब में भी गिर रहा है. इससे वह भरता भी जा रहा है. यह तालाब रेलवे की जमीन में है, जिसकी देखरेख का जिम्मा भी रेलवे के पास ही है. रेलवे के तरफ से भी तालाब को अतिक्रमण से मुक्त कराने व इसके विकास पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. इधर, स्थानीय लोगों ने तालाब की सफाई व मीट-मुरगे के बचे अवशेषों को उसमें फेंकने पर रोक लगाने
के लिए विभागीय अधिकारी से गुहार लगायी है. बावजूद इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. स्थानीय निवासी अमित कुमार ने बताया कि तालाब के समीप किये दुकानों के कारण इसकी पहचान मिट रही है. इसको लेकर विभागीय अधिकारियों को कई बार सूचना दी गयी. लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. इधर, इस संबंध में स्टेशन प्रबंधक बब्लू रजक से बात करने की कोशिश की गयी. लेकिन, संपर्क नहीं हो पाया. उनका मोबाइल बंद था.
