शिवसागर (रोहतास) : कोयले के अवैध कारोबार में शिवसागर प्रखंड सबसे बड़ी मंडी बन चुका है. एनएच-2 पर झारखंड के विभिन्न खदानों से अवैध खुदाई कर लाये गये कोयले की खुलेआम बिक्री हो रही है.
अवैध कोयला के इस मंडी में ट्रकों को सड़क पर खड़ा कर कोयला उतारने के क्रम में एक दर्जन से अधिक जानें जा चुकी हैं. लोगों ने पुलिस प्रशासन सहित वरीय पदाधिकारी को कई बार सूचना दी. लेकिन, कोई फायदा नहीं हुआ.
कैसे होता है पुलिस संरक्षण में धंधा : यहां घोरघट, बम्हौर व पखनारी स्थित सड़क किनारे करीब दर्जनों जगहों पर कोयले का अवैध धंधा चल रहा है. एक कारोबारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि झारखंड के कई क्षेत्रों से अवैध खुदाई कर लाये गये कोयले 1200 रुपये प्रति क्विंटल खरीदते हैं.
एक अवैध कोयले की दुकान से पुलिस को पांच हजार रुपये बतौर नजराना दिया जाता है. उसने बताया कि इस धंधे से करीब पांच लाख रुपये हर माह मिल जाती है. इस धंधे में जुड़े अन्य लेागों ने बताया कि उनके सामने दूसरे धंधा का कोई विकल्प नहीं है.
वहीं, दूसरी ओर एक सूत्र ने बताया कि शिवसागर, किरहिंडी व कुम्हउ समेत करीब आधा दर्जन गांव के धंधेबाज फिराक में रहते हैं कि कोयले से लदी रेल गाड़ी रूके तो कोयला उतार कर मंडी तक पहुंचाया जाये. यहीं नहीं, निर्धारित स्थान पर वैक्यूम कर कोयले को उतर कर मडियों तक पहुंचाया जाता है. यहीं नहीं, कुछ धंधेबाजों को कोयला ढोने के लिए कारोबारियों ने पांच सौ साइकिलें दी गयी हैं. उन साइकिलों पर लाद कर कोयला रातों-रात दुकानों पर पहुंचा दिया जाता है. सैकड़ों की संख्या में साइकिल पर लदे अवैध कोयले को ले जाते पुलिसकर्मी भी देखते हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं करते हैं. लोगों ने बताया कि यह अवैध धंधा पुलिस संरक्षण में चल रहा है, जो काफी तेजी से पनप रहा है.
इस मामले में जब एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो से बात की गयी तो उनका कहना है क्षेत्र में कहीं भी अवैध कोयले का कारोबार होता है, तो वे मेरे अधीन नहीं आता है. प्रशासन इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकता. यह सेल टैक्स विभाग का मामला है. वहीं, पूर्व एसपी शिवदीप लांडे ने डेहरी में अवैध पोड़ा व कोयले अवैध कारोबारियों के खिलाफ छापेमारी कर कई कोयला लदे ट्रकों को जब्त किया गया था.
