पोषण पुनर्वास केंद्र चार माह से बंद

सासाराम (ग्रामीण) : शहर के सदर अस्पताल परिसर में स्थित पोषण पुर्नवास केंद्र विगत चार महीनों से बंद पड़ा है. इससे कुपोषित बच्चों को लाभ नहीं मिल रहा है. इसके कारण कुपोषित बच्चों को इलाज व उन बच्चों को दी जाने वाले संतुलित आहार सहित अन्य सुविधाएं बंद हो गयी है. गौरतलब है कि पोषण […]

सासाराम (ग्रामीण) : शहर के सदर अस्पताल परिसर में स्थित पोषण पुर्नवास केंद्र विगत चार महीनों से बंद पड़ा है. इससे कुपोषित बच्चों को लाभ नहीं मिल रहा है. इसके कारण कुपोषित बच्चों को इलाज व उन बच्चों को दी जाने वाले संतुलित आहार सहित अन्य सुविधाएं बंद हो गयी है.
गौरतलब है कि पोषण पुनर्वास केंद्र द्वारा कुपोषित बच्चों को भरती कर उसे संतुलित आहार भी दिये जाते थे, जिससे कुपोषित बच्चों को काफी लाभ मिलता था. लेकिन, अब यह सुविधाएं महज फाइलों तक ही सिमट कर रह गयी है. पुनर्वास केंद्र राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा चलाया जा रहा था. लेकिन, राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता का भुगतान लंबित हो जाने की वजह से केंद्र बंद हो गया.
14 लाख रुपये का भुगतान लंबित : पुनर्वास केंद्र एक डौड संस्था द्वारा चलाया जाता था. लेकिन, स्वास्थ्य समिति द्वारा चौदह लाख रुपये का भुगतान लंबित किये जाने के कारण पोषण पुनर्वास केंद्र में ताला लटक गया है. लिहाजा ड्यूटी में लगाये गये कर्मचारियों के वेतन भी लगभग एक वर्षों से लंबित हो गये हैं. इसके कारण पोषण पुनर्वास केंद्र बंद हो गया है.
पहले ही हो रही खानापूर्ति : सितंबर माह के बाद पुनर्वास केंद्र बंद हो गये हैं. पूर्व में कुपोषित बच्चों को इलाज के लिए भरती भी कराया जाता था व इन बच्चों के बीच संतुलित आहार बांटे जाते थे. हालांकि, आहार वितरण के मामले में भी पूर्व से ही खानापूर्ति होते रही है.
गौरतलब है कि पोषण पुनर्वास केंद्र बंद होने के बाद मुंबई की एक संस्था गिव इंडिया द्वारा इन बच्चों के बीच संतुलित आहार दी जा रही है. गुरुवार को आयोजित वितरण कैंप में महज एक कुसुढ़ी गांव के कुपोषित बच्चे संजीत कुमार को ही संतुलित आहार दिये गये, जबकि लगाये गये स्टॉल पर कई समान रखे गये थे. सवाल यह है कि जब एक बच्चे को ही आहार देना था तो कैंप क्यों लगाया गया. यह बात लोगों के जेहन में कौंध रहा है.
स्वास्थ्य विभाग खामोश
कुपोषित बच्चों को दी जाने वाली सुविधाएं महज फाइलों तक सीमित है. इससे कुपोषित बच्चे कुपोषण के शिकार हो रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस दिशा में खामोश हैं. इसके कारण लोगों को परेशानी हो रही है.
ज्योति कुमारी, गम्हरिया
शीघ्र होगा बकाया रुपये का भुगतान
पोषण पुनर्वास केंद्र चलानेवाली एजेंसी की भुगतान जल्द किया जायेगा. यह प्रक्रियाधीन है. इसमें कुछ गतिरोध है. बच्चों को दी जाने वाली सुविधाओं की भी जांच चल रही है. कितना पैसा बाकी है, यह फाइल देखने के बाद स्पष्ट होगा.
सुनील जायसवाल, डीपीएम, जिला स्वास्थ्य समिति, रोहतास

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