औने-पौने दाम पर धान बेच रहे किसान
शिवसागर (रोहतास) : प्रखंड में सरकारी स्तर पर धान की खरीद नहीं होने से किसान औने-पौने दाम में बिचौलियों को धान बेच रहे हैं. धान करीब एक महीना पहले से ही तैयार होना शुरू हो गया है. अब गेहूं व सरसों आदि की बुआई के लिए किसानों को उसी धान को बेच कर बीज व खाद खरीदना है.
ऐसे में किसानों के धान की सरकारी खरीद नहीं होने पर समर्थन मूल्य सही हकदारों को नहीं मिल रहा है. किसान अपने धान बिचौलियों के साथ आठ सौ से नौ सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेचने को लाचार हैं. किसानों का धान खत्म हो जायेगा, तब सरकारी खरीद शुरू होगी और जो व्यवसायी आज किसानों के धान औने-पौने कीमत पर खरीदते हैं, वहीं कल सरकारी क्रय केंद्रों पर उलटफेर कर धान की बिक्री कर सरकारी लाभ लेंगे. लाखों व करोड़ों रुपये का बंदरबांट बिचौलियों और पदाधिकारियों के बीच होगा.
धान क्रय की अगर ईमानदारी से जांच किया जाय तो प्रखंड में 10 प्रतिशत किसानों में वाजिब मे इसका लाभ सीधा मिला है. बिगु यादव, जगदीश सिंह व कामेश्वर सिंह आदि किसानों ने बताया कि इस वर्ष कम होने के कारण धान उपजाने में जरूरत से ज्यादा लागत आयी. धान की सरकारी खरीदारी नहीं होने से अब खेती करने का मन नहीं करता है. एक तो नकली बीज, खाद और प्रकृति की मार से ही किसानों का काम कठिन हो गया है.
इस संबंध में कृषि विभाग के पदाधिकारी धनराज सिंह से उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया, तो उनका मोबाइल बंद था. प्रखंड में जब कोई कृषि संबंधित बातें करनी होती है, तो हमारे अधिकारी का नंबर बंद ही रहता है. किसान ऑफिस का चक्कर लगाते-लगाते थक जाते हैं.
