सासाराम (ग्रामीण) : सोन नहरों में जलापूर्ति एक जनवरी, 2016 से शुरू होने की संभावना है. इसके पूर्व सोन नहरों में जलापूर्ति करने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं. विभागीय अधिकारियों की मानें तो अभी जलापूर्ति की जरूरत किसानों को नहीं है. लेकिन, कई जगहों पर फसल की बुआई कर दी गयी है, जिसे 15 से 20 दिनों के अंदर सिंचाई करना जरूरी हो जायेगा. कई जगहों पर तो खेत उखड़ (नमी कम होना) गये हैं. ऐसी स्थिति में किसानों को डीजल पंप का सहारा लेना पड़ेगा.
सरकार ने खेती शुरू होने के पूर्व सिंचाई के लिए राशि वितरण करने का घोषणा भी की थी. परंतु, यह घोषणा महज संचिकाओं तक ही सीमित होकर रह गयी. कई जगहों पर खेत गीले हैं, जिसके कारण फसल बुआई में विलंब हो रही है.
रिहंद व बाणसागर ने जलापूर्ति के नहीं दिये संकेत: खरीफ फसल की खेती के वक्त से ही बाणसागर व रिहंद ने जलापूर्ति करने से हाथ खड़ा कर दिये हैं.
अब रबी फसल में भी जलापूर्ति का संकट बरकरार रहेगा या किसानों को इससे निजात मिलेगा, इसका संकेत दोनों जलाशयों ने अब तक नहीं लिया है. इसके कारण अधिकारी भी काफी परेशान दिख रहे हैं. एक जनवरी से सोन नहरों में जलापूर्ति किये जाने की संभावना है. सिंचाई विभाग ने फिलहाल जलापूर्ति बंद करा दिया है.
