मरम्मत के अभाव में कई एलईडी लाइटें हैं बंद
सासाराम ऑफिस : वैसे तो लगभग पूरे शहर में ही अंधेरे का राज है. यहां की गलियों व मुख्य सड़क पर रात में चलने में भी डर लगता है. आज हम शहर के एक छोटे से इलाके सराय रोड, जिसे फारूकगंज के नाम से भी जाना जाता है कि बात करते हैं. यह इलाका रिहाइशी व व्यापारिक दोनों तरह का है. दिन में लोगों का आवागमन ज्यादा होता है. शाम में दुकानों की लाईटों से इलाका चकाचक रहता है. परन्तु दुकानों के बंद होने के साथ ही मुहल्ले में भयावह अंधेरा पसर जाता है. ऐसा नहीं है कि नगर पर्षद ने इस क्षेत्र में रोशनी का इंतजाम नहीं किया है. करीब-करीब सभी पोलों पर एलईडी लाइटें लगी है. लेकिन, वर्तमान में इनमें से अधिकतर बूझ चुकी हैं. इनकी मरम्मत नहीं हो पा रही है. इस इलाके में मात्र एक स्ट्रीट लाईट ही चालू है. यह इलाका वार्ड 28 में आता है.
होता है लाखों का कारोबार
सड़क के एक छोर से लेकर दूसरी छोर तक सौ की संख्या में जूता-चप्पल के खुदरा व थोक, ज्वेलर्स, कपड़े व अन्य वस्तुओं की दुकानें हैं. यहां लाखों का कारोबार होता है और गोदामों में करोड़ों के माल पड़े रहते हैं. इनकी सुरक्षा अंधेरे में भगवान भरोसे है.
ढाई हजार लोगों की बस्ती : इसी सड़क पर लगभग 60 से 70 रिहाइशी घर व जुग्गी-झोंपड़ी है. जिनमें लगभग ढाई हजार लोग रहते हैं. उनको भी इस अंधेरे के कारण रात में आने-जाने में घबराहट होती है.
पानी की किल्लत
क्षेत्र में पानी की किल्लत है. सराय रोड इलाके में मात्र एक चापाकल व एक पुराना बड़ा कुआं है. जिससे पूरा इलाका अपना पानी भरता है.
दुकानदार जब तक रहते हैं यह इलाका चकाचक रहता है. हम लोगों के जाने के बाद यहां अंधेरा छा जाता है. इसलिए इस इलाका में स्ट्रीट लाईट लगना चाहिए. ताकि रात के अंधेरे में कोई अनहोनी न हो पाये.
जमील अहमद, जूता-चप्पल व्यवसायी
यह इलाका हर मामले से महत्वपूर्ण है. इसका ध्यान नगर पर्षद को रखना चाहिए. रात में गुजरने पर डर लगता है. इस इलाके में नया स्ट्रीट लाईट लगना चाहिए.
टिंकु, व्यवसायी
सराय रोड में हाल में नहीं हुई कोई बड़ी घटना : तीन-चार वर्षों में कोई घटना नहीं हुई है. लेकिन, रात में कोई घटना होती है, तो उसका सारा श्रेय अंधेरे को ही जायेगा. क्योंकि किसी भी पोल पर लाइट नहीं है.
शाम तक तो यह इलाका ठीक-ठाक रहता है. रात में स्ट्रीट लाइट नहीं होने के कारण भयावह हो जाता है. जिसके कारण हमलोग रात में इधर से आने-जाने से कतराते हैं. सबसे ज्यादा परेशानी लगन के दौरान होती है.
सुदामा प्रसाद सेठ, प्रोपराईटर राज ज्वेलर्स
इस इलाके में बिजली की स्थिति एक दम खराब है. एक ट्रांसफॉर्मर लगा हुआ है लेकिन उस पर ज्यादा लोड है. एक और ट्रांसफॉर्मर की जरूरत है. कोई स्ट्रीट लाई ठीक नहीं है.
डॉ फिरोज अख्तर, मेडिकल ऑनर
