पुलिस ने वर्षों से नहीं किया किरायेदारों का वेरिफिकेशन
पुलिस जांच में सामने आयेंगे कई मामले
डेहरी कार्यालय : उग्रवादी संगठनों व अपराध जगत से जुड़े लोगों के परिवार के लिए डेहरी सबसे सुरक्षित शहर बन गया है. वैसे लोगों द्वारा यहां या तो स्वयं के मकान में या किराये के मकानों में बच्चों की पढ़ाई के नाम पर रह कर मौजमस्ती के साथ परिजन जीवन बिता रहे हैं. गौरतलब है कि वर्षों पहले पुलिस प्रशासन द्वारा शहर में रह रहे किरायेदारों को चिह्नित कर उनके संबंध में जानकारी उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान चलाया गया था. इसमें शहर के नागरिकों ने पुलिस विभाग को भरपूर सहयोग किया था.
अभियान के दौरान कई ऐसे परिवार जो उग्रवाद या अपराध जगत से जुड़े व्यक्ति के परिजन थे शहर को छोड़ दिया था. इससे अापराधिक घटनाओं में भी काफी कमी आयी थी. तब एसपी द्वारा उस समय यह कहा गया था कि आनेवाले दिनों में भी कम से कम साल में एक बार सभी किरायेदारों का पुलिस द्वारा जांच पड़ताल किया जायेगा.
मकान मालिकों को भी यह हिदायत दे दी गयी थी कि मकान किराये पर देने से पहले उसमें रहने वाले लोगों के संबंध में विशेष जानकारी रखें व लिगली जानकारी से प्रशासन को भी अवगत कराएं, लेकिन कुछ दिनों के बाद बहुत सारी बातें केवल कागजी साबित हुई. आज स्थिति यह है कि अगर पुलिस प्रशासन इमानदारी पूर्वक जांच करें तो कई बड़ी बात उजागर होगी. शहर में बन रही नयी नयी काॅलोनियों पर प्रशासन को विशेष ध्यान देना चाहिए.
बोले लोग
पुलिस प्रशासन द्वारा शहर के मकानों में रह रहे लोगों चाहे वे किरायेदार ही क्यों न हो का समय समय पर जांच कराना चाहिए. इससे अपराधियों को पकड़ने में काफी मदद मिलेगी.
सुरेंद्र कुमार
कई फरार अपराधी भी बच्चों को पढ़ाने के नाम पर शहर में किराये के मकान लेकर रहते हैं. यहीं से प्लानिंग कर के उनके द्वारा बड़े-बड़े अपराधों को अंजाम दिया जाता है.
प्रमोद कुमार
शहर में मकान बनाये लोगों को भी चाहिए कि वे किराये पर मकान देने से पहले किरायेदार के संबंध में हर प्रकार की जानकारी रखे की उनका किरदार आपराधिक प्रवृत्ति का न हो.
