पुलिस पूरी सजग, फिर भी जिले में बढ़ रहा क्राइम
सासाराम कार्यालय : हर के गौरक्षणी मुहल्ले में सोमवार की रात वी मार्ट मॉल में लूट के बाद लुटेरे मॉल के सीसीटीवी का डीवीआर भी अपने साथ ले गये. जो उनके पहचान का मुख्य हथियार बन सकता था. अब पुलिस के पास पहचान के लिए शायद ही कुछ बचा हो. लेकिन, पुलिस के हाथ लंबे हैं, चाहे तो कोई न कोई सुराग ढूंढ़ कर लुटेरों को पकड़ सकती है. लुटेरों ने कर्मचारियों को डराने के लिए एक गोली चलायी थी, जिसका एक खोखा मिला है. इसके अलावा अब तक कोई खास उपलब्धि पुलिस को नहीं मिल सकी है. मॉल के कर्मचारी लुटेरों की पहचान करने में असफल साबित हो रहे हैं, क्योंकि सभी ने चेहरे ढंक रखे थे.
खैर जो भी हो. इतना तो जरूर है कि पुलिस किस तरह का शहर में गश्त कर रही है कि 11:30 बजे रात में ही लुटेरे बीच शहर में कांड कर निकल लिये. और कोई उन्हें रोकने वाला नहीं था. इस संबंध में नगर थानाध्यक्ष रामबिलास पासवान ने बताया कि लूट का मामला दर्ज कर लिया गया है. मॉल के प्रबंधक ने प्राथमिकी दर्ज करायी है. मॉल के गेट से गोली का एक खोखा बरामद किया गया है. लुटेरों व लूट के माल की बरामदगी के लिए छापेमारी की जा रही है. जल्द ही मामले का उद्भेदन कर लिया जायेगा.
जनवरी से अब तक तीन हत्याएं व तीन घरों में चोरी
जनवरी से अब तक शहर में लगातार हो रही हत्या, चोरी, साइबर क्राइम के बाद अब डकैती की घटना से लोग दहशत में हैं. लोगों का कहना है कि बीच शहर में चलते सड़क के किनारे इतने बड़े मॉल में जब लूट हो सकता है, तो अन्य की सुरक्षा कैसे होगी? गौरतलब है कि शहर में जनवरी माह से अबतक शहर में तीन लोगों की हत्या हो चुकी है. इसमें एक पूर्व वार्ड पार्षद बुलाकी कहार की कादिरगंज मुहल्ले में, एक वकिल विजय कुमार महतो की शाहजलालपीर मुहल्ले के समीप और एक युवक की हत्या किला मुहल्ले में हुई है. राजकॉलोनी व तकिया मुहल्ले के तीन घरों में लाखों की चोरी के अलावे कई बाइक चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं. वैसे देखा जाए, तो इन्ही ढाई महिनों में बंधन बैंक बिक्रमगंज के कर्मचारी से चार लाख रुपये, दिनारा में पेटोल पंप के मालिक से करीब दस लाख रुपये, दावथ थाना क्षेत्र में एक ही दिन दो लोगों से लाखों रुपये अपराधी लूट लिये थे. इसमें बंधन बैंक के मामले के अलावा किसी कांड का पुलिस उद्भेदन करने में सफल नहीं हो पायी है.
मॉल के कर्मचारी पर शक की सूई
वी मार्ट मॉल से 13 लाख रुपये नकद की लूट में किसी कर्मचारी का हाथ होने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता. सवाल यह उठता है कि किसे मालूम हो सकता है कि इतनी बड़ी रकम मॉल की तिजाेरी में रखी है. इतन बड़ी रकम मॉल के कर्मचारियों ने बैंक में क्यों नहीं जमा कराया. इसका जवाब देने को कोई कर्मचारी तैयार नहीं है.
