बच्ची के गले से चार सिक्के निकाल कर बचायी जान

नारायण चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के डाॅक्टर ने किया करिश्मा सासाराम ऑफिस : सच कहा गया है कि डॉक्टर भगवान के रूप होते हैं. जिसको चरितार्थ नारायण चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल जमुहार के नाक-कान-गला रोग विभाग के वरीय चिकित्सक ने किया है. उन्होंने 10 वर्षीय बच्ची के गले से चार सिक्कों को सफलता पूर्वक निकाल […]

नारायण चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के डाॅक्टर ने किया करिश्मा

सासाराम ऑफिस : सच कहा गया है कि डॉक्टर भगवान के रूप होते हैं. जिसको चरितार्थ नारायण चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल जमुहार के नाक-कान-गला रोग विभाग के वरीय चिकित्सक ने किया है. उन्होंने 10 वर्षीय बच्ची के गले से चार सिक्कों को सफलता पूर्वक निकाल कर नवजीवन प्रदान किया है. दो बार के प्रयास में दो-दो सिक्कों को गले से निकाला गया. अब वह बच्ची पूर्णत: स्वस्थ्य है. जिसे शीघ्र ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जायेगी. संस्थान द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार बताया गया है कि जिले के चेरको क्षेत्र अंतर्गत जमारी गांव की एक 10 वर्षीय बच्ची खेल-खेल में ही दो रुपये का एक व एक रुपये के तीन सिक्कों को निगल गयी. सभी सिक्के जब कंठ में जाकर फंस गये और परेशानी बढ़ी, तब उसके अभिभावक स्थानीय चिकित्सकों के पास ले गये.
जब वहां कोई लाभ नहीं हुआ तो उसके परिजन बच्ची को लेकर एनएमसीएच जमुहार ले आये. शनिवार रात करीब 12 बजे मरीज के आने के बाद इएनटी विभाग के प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉक्टर सुजीत कुमार व एनेस्थेसिया के प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ राकेश रोशन ने दो बार के प्रयास में बच्ची के गले से चारों सिक्कों को बाहर निकाल लिया. ऑपरेशन के बाद बच्ची की स्थिति पुर्णत संतोषजनक है. जिसे शीघ्र ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जायेगी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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