नासरीगंज (रोहतास) : प्रखंड क्षेत्र स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बुढ़गिनी मेदनीपुर स्कूल का भवन खंडहर हो चुकी है. इससे आये दिन एक बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है. विद्यालय भवन और संसाधनों की कमी से बदहाल है. इस विद्यालय में पढ़ने के दौरान बच्चे हमेशा डरे रहते हैं. डर के कारण बच्चे ठीक से पढ़ नहीं पाते हैं क्योंकि छात्रों को हमेशा डर बना रहता है कि कब छत उनके ऊपर गिर जाये.
भवन के अभाव में एक ही कमरे में होती है तीन वर्गों की पढ़ाई
नासरीगंज (रोहतास) : प्रखंड क्षेत्र स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बुढ़गिनी मेदनीपुर स्कूल का भवन खंडहर हो चुकी है. इससे आये दिन एक बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है. विद्यालय भवन और संसाधनों की कमी से बदहाल है. इस विद्यालय में पढ़ने के दौरान बच्चे हमेशा डरे रहते हैं. डर के कारण बच्चे ठीक […]

इस स्कूल की स्थापना वर्ष 1942 में हुई थी. यह विद्यालय पहले प्राथमिक विद्यालय था. अप्रैल 2010 को इस स्कूल को उत्क्रमित मध्य विद्यालय का दर्जा मिला. इस स्कूल में कमरों की संख्या तो चार है, लेकिन दो कमरों की हालत एकदम जर्जर हो चुकी है. जर्जर कमरों में पढ़ाने से स्कूल के शिक्षक डरते हैं, जिसके कारण दो कमरों में ही वर्ग एक से आठ तक कुल 247 बच्चों को पढ़ाया जाता है. कुछ बच्चों को कमरों के अभाव में बाहर बरामदे में बैठा कर पढ़ाया जाता है. एक ही कमरे में दो से तीन वर्गों की पढ़ाई होती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.
क्या कहते हैं छात्र- छात्राएं
विद्यालय की श्वेता कुमारी, अंजू कुमारी, प्रिंस कुमार का कहना है कि एक ही वर्ग कमरे में दो से तीन वर्गों की पढ़ाई होने से हमलोग अच्छे ढंग से नहीं पढ़ पाते हैं.
क्या कहते हैं एचएम
हमारे विद्यालय में कमरों के अभाव हम एक ही कमरे में दो से तीन वर्गों के छात्रों को पढ़ाने पर विवश हैं. विद्यालय की चहारदीवारी भी नहीं है, जिसके कारण बहुत बड़ी समस्या उत्पन्न होने लगती है. इन सारी समस्याओं को लेकर मैं अपने वरीय पदाधिकारियों से कई बार गुहार लगा चुका हूं पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई.
रामाशंकर सिंह, प्रधानाध्यापक
क्या कहते हैं अधिकारी
भवन की राशि आते ही हम तुरंत भवन को बनवा देंगे, ताकि बच्चे को पढ़ने में कोई दिक्कत न हो सके.
देवनाथ सिंह, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी