बिना उपहार की शादी से बढ़ गया गांव वालों का मान

उपहार लौटाने से परिवार व समाज में बढ़ गयी मेरी प्रतिष्ठा मुखिया ने कहा, यह शादी युवाओं के लिए अनुकरणीय व प्रेरक नवहट्टा : प्रखंड की हाटी पंचायत के मुरलीपुर में पांच फरवरी की रात आयी बरात और अत्यधिक उत्साह से संपन्न हुई शादी उदाहरण बन रही है. दान-दहेज लौटा कर आदर्श विवाह करने की […]

उपहार लौटाने से परिवार व समाज में बढ़ गयी मेरी प्रतिष्ठा

मुखिया ने कहा, यह शादी युवाओं के लिए अनुकरणीय व प्रेरक
नवहट्टा : प्रखंड की हाटी पंचायत के मुरलीपुर में पांच फरवरी की रात आयी बरात और अत्यधिक उत्साह से संपन्न हुई शादी उदाहरण बन रही है. दान-दहेज लौटा कर आदर्श विवाह करने की इस परंपरा के पक्ष में अपना समर्थन दे रहे हैं और कहते हैं कि रंजीत व सोनी ने परंपरा की नींव रख दी है. अब यह रुकने वाला नहीं है. नये युवक-युवतियों के लिए यह प्रेरणा है.
स्वागत से अभिभूत हैं बराती: वर रंजीत कुमार मंडल की माता महादेवी व अभिभावक उसके मामा कपिलदेव मंडल ने कहा कि लड़की वालों को उनका दिया उपहार लौटा कर आज उन्हें जो आत्मसम्मान और आत्मसंतुष्टि का एहसास हो रहा है, वह पहले कभी नहीं हुआ था. इससे वधू पक्ष के लोगों के पास मान-सम्मान में वृद्धि तो हुई ही.
अपने समाज में भी कद ऊंचा हो गया है. वर पक्ष के लोगों ने कहा कि आदर्श विवाह का सकारात्मक प्रभाव गांव वालों के चेहरे पर दिखा. हर कोई हृदय से बरातियों के स्वागत में खड़ा रहा. सभी बराती प्रसन्न व अभिभूत रहे.
बीते 21 जनवरी को सीएम नीतीश कुमार के आह्वान पर आयोजित मानव शृंखला में वे भी सपरिवार कड़ी का हिस्सा बने थे. उसी दिन से उनके मन में यह बात घर करती जा रही थी और समय आने पर उपहार लौटा कर उन्होंने अपने मन को सुकून दिया. किसी परिवार की संपत्ति में स्वयं को बेवजह हिस्सेदार बनाना, उन्हें कर्ज में डाल 18 वर्षों तक प्यार-दुलार में पाली गई बेटी को बहू बना कर बेटे को खुशी देना ठीक नहीं है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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