डेहरी : सेना बहाली में शुक्रवार को उंगली का थोड़ा सा हिस्सा कटने के कारण मेडिकल टेस्ट में छंटने के बाद जमुई जिले से आये अभ्यर्थी मोहम्मद जावेद खान, पिता मोहम्मद समीम खान का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था. मोहम्मद जावेद उम्र 22 वर्ष, ग्राम औरंगाबाद, जिला जमुई ने बताया कि मैं दौड़ के लाइन में पीछे लगने के बावजूद सबसे आगे होकर दौड़ निकाल चुका था. सभी प्रक्रियाओं को पार करते हुए मेडिकल में मुझे छांट दिया गया. मेरी अयोग्यता का कारण बचपन में मां को खाना बनाने के लिए लकड़ी काट कर देने के क्रम में आज के लगभग 10 वर्ष पूर्व मेरे बाएं हाथ की एक उंगली का थोड़ा सा हिस्सा नाखून सहित कट कर अलग हो गया था.
इसके कारण सेना की बहाली से आज बाहर होना पडा. तीन भाइयों में सबसे छोटा भाई मैं हूं. बड़े भाई ड्राइवरी कर किसी तरह से परिवार के भरण-पोषण करते हुए चार बहनों में दो के शादी कर चुके हैं. दो बहन आज भी कुंवारी है. पिताजी की काम करने की अवस्था नहीं रही. उसने बताया का काश 10 वर्ष पहले मोदीराज होता तो खाना बनाने में मुझे लकड़ी काटकर नहीं देना पड़ता और आज मेरी नौकरी पक्की होती. लोगों के काफी समझाने बुझाने के बाद उठ युवक शांत हुआ व सिसकते हुये कहा कि इस घटना का मलाल मुझे जीवन भर रहेगा.
