छह जनवरी को खुलेगा टेंडर व आठ जनवरी को शुरू हो जायेगा कार्य
हड़ताल के दौरान का नगर पर्षद के कर्मचारियों को नहीं मिलेगा वेतन
सासाराम कार्यालय : शहर में सफाई की कमान स्वयंसेवी संस्थाओं (एनजीओ) के जिम्मे होगी. छह जनवरी को टेंडर खुलेगा व आठ जनवरी से एनजीओ सफाई कार्य में जुट जायेगी. एनजीओ को शहर की सफाई देने का निर्णय तो काफी पुराना है. लेकिन, हाल के दिनों में सफाई कर्मियों की हड़ताल के मद्देनजर नप प्रशासन ने इसमें तेजी ला दी है. इओ कुमारी हिमानी ने बताया कि छह जनवरी को टेंडर खोला जायेगा. संभवत: उसी दिन वर्क ऑर्डर दे दिया जाएगा. किसी तरह की देरी हुई, तो दूसरे दिन रविवार का अवकाश है. इसलिए आठ जनवरी को वर्क ऑर्डर देकर उसी दिन से शहर में सफाई कार्य शुरू कराने की कोशिश होगी.
नप प्रशासन के इस रूख को देखकर हड़ताली कर्मचारियों में बौखलाहट उत्पन्न हो गयी है. अगर एनजीओ सफाई की कमान संभाल लेंगी, तो अस्थाई सफाई कर्मियों के चले जाने से हड़तालियों की संख्या में भारी गिरावट आ जायेगी. वर्तमान समय में स्थायी लिपिकीय संवर्ग व स्थायी सफाई कर्मियों की संख्या काफी कम है. उनकी संख्या सैकड़ा को भी पार नहीं करती. अस्थायी सफाई कर्मी करीब 250 हैं और अस्थायी लिपिकीय संवर्ग के कर्मचारियों की संख्या भी स्थायी से ज्यादा है. ऐसे में हड़ताली काफी कमजोर हो जायेंगे.
हड़ताल अवधी का नहीं मिलेगा वेतन
सरकार के नो वर्क नो पे के नियम के आलोक में हड़ताल अवधी का कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलेगा. ऐसे में हड़ताल लंबा चला, तो कर्मचारियों को एक बड़ी रकम से हाथ धोना पड़ सकता है. इओ कुमारी हिमानी ने बताया कि नो वर्क नो पे यह तो सरकार का नियम है. उसके आलोक में ही काम होगा. हड़ताल के लिए जिस मुद्दे पर कर्मचारी अड़े हैं, उस समस्या के लिए नगर पर्षद प्रशासन जिम्मेवार नहीं है. विभाग के पास अनुमोदन के लिए भेजा गया है. बिना अनुमोदन के छठे वेतनमान नहीं दिया जा सकता. उन्होंने कहा कि इसमें कर्मचारियों को कोई घाटा नहीं है. उन्हें छठे वेतनमान के शेष रुपये एरियर के रूप में बाद में जरूर मिलेंगे. इस गतिरोध के लिए पूर्ण रूप से कर्मचारी जिम्मेदार हैं. हमने अपनी ओर से जो कुछ भी करना था, कर दिया.
