वन विभाग ने कैमूर की घटना के बाद लोगों को सतर्कता बरतने का जारी किया निर्देश
लाउडस्पीकर से लोगों को दी गयी घर के आगे आग जला कर रखने की जानकारी
नौहट्टा : कैमूर जिले में हाथी के हमले में डीएफओ के बाडीगार्ड की मृत्यु हो जाने के बाद जिले के वन क्षेत्र के गांवों में लाउडस्पीकर से सतर्कता बरतने का निर्देश वन विभाग द्वारा जारी किया गया. कैमूर पहाड़ी क्षेत्र के गांवों में शुक्रवार को स्थानीय वन विभाग द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से प्रचार किया गया कि हाथी के संभावित हमले को देखते हुए ग्रामीण अपने अपने दरवाजे पर आग जला कर रखे हाथी करमचट के जंगल में आ गया है. रोहतास का जंगल करमचट से सटा हुआ है जिसके कारण आशंका है कि हाथी रोहतास के जंगल में भी आ सकता है. वन क्षेत्र पदाधिकारी बृज लाल माझी ने बताया कि जंगली गांव में हाथी आने का प्रचार-प्रसार करना जरूरी है ताकी ग्रामीण सतर्क रहे. उन्होंने बताया कि हाथी के हमला से बचाव का एकमात्र उपाय आग जला कर रखना है.
आग देख हाथी आग के नजदीक नहीं आता आग से दूर भागता है. उन्होंने कहा कि इसकी सूचना स्थानीय नौहट्टा, चुटिया व यदूनाथपुर थाना के पुलिस प्रशासन को भी दे दी गयी है. ऐसी स्थिति में ग्रामीणों द्वारा सतर्कता बरतना आवश्यक है, क्योंकि हाथी जंगली जानवर है वह कभी भी किसी गांव में पहुंच सकता है. वन विभाग कि टीम आसपास के क्षेत्र तथा जंगली गांवों में हाथी की खोज में दिन भर लगे रहे, लेकिन हाथी देखे जाने की सूचना अभी तक प्राप्त नहीं हुई है. वन विभाग द्वारा कैमूर पहाड़ी के पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है.
