अनुसूचित जाति-जनजाति पर अत्याचार बंद हो
निजी क्षेत्रों में भी मिले आरक्षण
सासाराम ऑफिस : भीम आर्मी ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर मंगलवार को शहर में प्रदर्शन कर धरना दिया. जुलूस न्यू स्टेडियम, फजलगंज से निकल कर काली स्थान, कचहरी, कचहरी मोड़ होते हुए समाहरणालय गेट के समक्ष पहुंच धरने में परिवर्तित हो गयी.
प्रदर्शन का नेतृत्व व धरने की अध्यक्षता भीम आर्मी के अध्यक्ष कृष्णा कुमार आनंद ने किया. अध्यक्ष ने कहा कि बाबा साहब डॉ भीमराव अांबेडकर द्वारा अनुसूचित जाति-जनजाति व पिछड़े अल्पसंख्यक वर्गों को सामाजिक स्थिति के आधार पर आरक्षण की व्यवस्था की गयी थी. यह कुछ लोगों के आखों में काटों की तरह खटक रही है.
कुछ लोग संविधान के विपरित आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग कर रहे हैं, जो अनुचित है. क्योंकि, बाबा साहब ने अनुसूचित जाति-जनजाति व पिछड़े वर्गों समग्र उत्थान के लिए आरक्षण की व्यवस्था की थी. लेकिन, मनुवादियों की गलत नीतियों के कारण अब तक सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजातियों का पूर्ण प्रतिनिधित्व नहीं हो पाया है. उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति-जनजातियों पर हर रोज अत्याचार किया जा रहा है. इन पर होंने वाले अत्याचार बंद हो.
वक्ताओं ने कहा कि अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों को सरकारी नौकरियों की नियुक्ति में एवं पद प्रोन्नति में आरक्षण के साथ-साथ निजी क्षेत्रों व न्यायपालिका में भी आरक्षण मिलना चाहिए. साथ ही अनुसूचित जाति, जनजाति व पिछड़े, अल्पसंख्यक वर्ग व छात्र-छात्राओं को पूर्ण छात्रवृत्ति मिलना चाहिए. उन लोगों ने कहा कि बिहार सरकार द्वारा निजी क्षेत्रों में आरक्षण देने की जो घोषणा की गयी है. वह काबिले तारीफ है.
