सासाराम नगर : हेरोईन तस्कर बुलाकी कहार पर कई बार हमला हो चुका है. लेकिन, मंगलवार का हमला बुलाकी के लिए बहुत घातक है. वाराणसी के ट्रामा सेंटर में बुलाकी जीवन के लिए मौत से संघर्ष कर रहा है.
स्थिति बहुत नाजुक है. इस बार भी हमलावार जिस उद्देश्य से हमला किये उसमें नाकाम हो गये. जिस तरह पहले से घात लगा उन लोगों ने धारदार हथियार से हमला किये. नि:संदेह उनके इरादे मौके पर ही मार डालने की थी. इसके पहले करीब आधा दर्जन बार उन पर हमला हो चुका है. लेकिन मामला मारपीट तक ही रह जाता है. मंगलवार के हमले से जाहिर होता है कि यह सुनियोजित ढंग से किया गया हमला था. सूत्र बताते हैं कि बुलाकी हेरोईन का धंधा बंद करने के बाद तीन वर्षों तक आलू का थोक कारोबार करता था. प्रदेश में शराबबंदी के बाद शराब का धंधा शुरू कर दिया. इस धंधे में इसके कई दुश्मन बन गये है.
शराब के धंधे में वर्चस्व को लेकर छिड़ गयी जंग
जानकारों की माने तो बुलाकी जिस धंधे को शुरू करता है, उसे बड़े पैमाने पर करता है. उसके धंधे में उसे चुनौती देने वाला नहीं होता अगर उसे कोई चुनौती देता है तो उसे बुलाकी अपने रास्ते से हटा देता है. यह उसकी फितरत है.
इसकी यही आदत के कारण बुलाकी के कई दुश्मन हो गये हैं. पिछले डेढ़ वर्षों में बुलाकी शराब से बहुत पैसा कमाया वहीं इसके धंधे को चुनौती देने वाले भी कई लोग हो गये. शराब के धंधे में वर्चस्व को लेकर बुधवार की रात दो अपराधी गुटों के बीच गोलीबारी हुई थी, जिसमें दोनों अपराधी जयराम चौधरी व महताब आलम मारे गये थे. बुलाकी पर जानलेवा हमला भी इसी गैंगवार से जोड़ कर देखा जा रहा है. परिजन व पुलिस भी दबी जुबान से स्वीकार कर रहे है कि बुलाकी पर हमला शराब के धंधे में वर्चस्व को लेकर हुआ है.
घायल की बेटी करिश्मा ने अस्पताल में चीख-चीख कर हमलावरों का नाम बता रही थी, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं होने के कारण नामों को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है. पुलिस के अधिकारी भी घायल की बेटी के बातों से सहमत नजर आ रहे थे. अब देखना है कि पुलिस घायल की बेटी द्वारा हमलावरों के बतायें गये पहचान को अधार बना अनुसंधान करती है या नामजद प्राथमिकी होने का इंतजार करेगी.
