अब नगर पर्षद के नाम से जानी जायेगी बिक्रमगंज नगर पंचायत

नगर पंचायत के 23 वार्डों के मुकाबले नगर पर्षद में बनाये गये हैं 27 वार्ड बिक्रमगंज : बिक्रमगंज नगर पर्षद प्रारूप के प्रकाशन के बाद अब 23 वार्डोंवाला नगर पंचायत 27 वार्डों का नगर पर्षद के नाम से जाना जायेगा. गुरुवार को प्रकाशित इस प्रारूप के बाद छह दिसंबर तक दावा एवं आपत्ति को स्वीकार […]

नगर पंचायत के 23 वार्डों के मुकाबले नगर पर्षद में बनाये गये हैं 27 वार्ड

बिक्रमगंज : बिक्रमगंज नगर पर्षद प्रारूप के प्रकाशन के बाद अब 23 वार्डोंवाला नगर पंचायत 27 वार्डों का नगर पर्षद के नाम से जाना जायेगा. गुरुवार को प्रकाशित इस प्रारूप के बाद छह दिसंबर तक दावा एवं आपत्ति को स्वीकार किया जायेगा. पत्र के अनुसार यह दावा एवं आपत्ति जिलाधिकारी रोहतास के समक्ष ही स्वीकार किया जायेगा.
इस प्रारूप के प्रकाशन के बाद बिक्रमगंज नगर पर्षद के चुनाव को लेकर अपने अपने वार्डों में संभावित उम्मीदवारों की चहलकदमी तेज होने लगी है. राजनीतिक सह और मात की बिसात सजने भी लेगे हैं. हालांकि नगर के लोगों को यह संभावना थी कि 23 के बदले 37 वार्ड होंगे. लेकिन, अब चूंकि प्रारूप का प्रकाशन हो चुका है, तो कितने ही संभावित उम्मीदवारों की उम्मीदवारी पर भी प्रश्नचिन्ह खड़े हो गये हैं.
नये प्रारूप से कौन-कौन वार्ड हुए प्रभावित : नगर पर्षद बिक्रमगंज के प्रभारी नगर कार्यपालक शिवकुमार ठाकुर से मिली जानकारी के अनुसार, वार्ड संख्या 9, 12, 17 और 21 के भागों को संख्या और क्षेत्रफल के अनुसार बदलाव करते हुए नये वार्ड संशोधित किये गये हैं. इसमें 24, 25, 26 और 27 वार्ड का नाम दिया गया है. इन नये वार्डों के गठन संबंधी कोई भी आपत्ति को जिलाधिकारी के कार्यालय में प्रस्तुत किया जा सकता है. इसके लिए छह दिसंबर तक समय निर्धारित किया गया है. वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार बिक्रमगंज नगर पंचायत की आबादी 36 हजार थी, जो 2011 की जनगणना में 48 हजार हो गयी है. इसके अनुसार बिक्रमगंज नगर पंचायत तो 2011 में ही नगर पर्षद में तब्दील होने में सक्षम था, जो 2017 में हुआ.
क्या है नयी परिसीमन का फाॅर्मूला
राज्य सरकार नगर विकास विभाग से जारी दिशा-निर्देश के नोटिफिकेशन संख्या 5 के खंड 2388 के अनुसार वर्ष 2007 में जारी अध्यादेश के अंतर्गत नये नगर पर्षद के गठन का प्रारूप निम्न है. इसमें नवंबर 2007 में जारी धारा 3 की उपधारा 1(ख) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को राज्यपाल बिहार ने 29 मार्च 2017 को घोषित किया. इसके अनुसार नगर पंचायत की बढ़ी संख्या के बाद उसे नगर पर्षद में बदला जा सकेगा. इसके तीन प्रकार होंगे जिसमें क, ख और ग. नगर पर्षद खंड क की आबादी 150000 से 2 लाख होनी चाहिए. नगर पार्षद खंड ख की आबादी 1 लाख से 150000 तक और नगर पर्षद खंड ग की आबादी 40 हजार से 1 लाख तक होनी चाहिए.

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