साफ-सुथरा नहीं दिख रहा अपना स्टेशन

बंद पड़े हैं प्लेटफॉर्मों पर बने सभी शौचालय यात्रियों को मजबूरन खुले में जाना पड़ता है शौच, फैलती है गंदगी सासाराम नगर : सासाराम रेलवे स्टेशन पर सफाई की व्यवस्था पूरी तरह खराब है. प्लेटफाॅर्म पर स्थित सभी शौचालय महिनों से बंद पड़े हैं. शौचालय बंद होने से यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है. […]

बंद पड़े हैं प्लेटफॉर्मों पर बने सभी शौचालय
यात्रियों को मजबूरन खुले में जाना पड़ता है शौच, फैलती है गंदगी
सासाराम नगर : सासाराम रेलवे स्टेशन पर सफाई की व्यवस्था पूरी तरह खराब है. प्लेटफाॅर्म पर स्थित सभी शौचालय महिनों से बंद पड़े हैं. शौचालय बंद होने से यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है. खास कर महिला यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी है. शौचालय बंद होने से स्टेशन के चारों तरफ गंदगी फैली है. मजबूरी में यात्री खुले में शौच करते हैं. यही स्थिति यूरिनल की भी है.
यूरिनल में लोग कतराते हैं. पुरुष तो कहीं खुले में चले जाते हैं, लेकिन महिलाएं गंदगी और बदबू के बीच जाती है. यह घोर विडंबना है कि जहां पूरे देश में सरकार स्वच्छता अभियान चला रही है. खास कर रेल महकमा साफ-सफाई को लेकर बहुत गंभीर है. स्वच्छता पखवारा मनाया जा रहा है. लाखों-करोड़ों स्वच्छता अभियान पर रेल मंत्रालय खर्च कर रही है, ताकि भारतीय रेल को आकर्षक लुक दिया जा सके. वहीं, सासाराम स्टेशन की स्थिति को देख नहीं लगता है कि सरकार कि योजना कभी सफल हो सकती है.
महीनों से बंद पड़े हैं प्लेटफाॅर्मों पर बने शौचालय: प्लेटफार्म नंबर-दो व तीन पर चार शौचालय महीनों से बंद पड़े हैं. खास कर महिलाओं के लिए बना दोनों शौचालय बंद हैं. पुराने वेंटिग हॉल के समीप पुरुष शौचालय ही एक मात्र खुलता है. उसकी स्थिति भी बदहाल है.
इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यात्रियों को कितनी परेशानी हो रही है. नये वेंटिग हॉल में जो शौचालय बना है, उसमें आम यात्रियों की पहुंच नहीं होती. क्योंकि, कर्मी ही जाने से रोकते है. नये वेंटिग हॉल में बना शौचालय खास लोगों के लिए है, वहां सामान्य यात्री नहीं जा सकते है. गनीमत है कि स्टेशन परिसर खुला है, विशेष परिस्थिति में यात्री खुले में चले जाते हैं. नहीं तो शौचालय का बंद रहना रेल प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन जाता.
सफाई व्यवस्था को लेकर पूरे परिसर की स्थिति बदतर: प्लेटफार्म ही नहीं, पूरे परिसर की स्थिति बदतर है. कहीं साफ-सफाई नहीं होती है. स्टेशन का मुख्य रास्ते पर एक तरफ ऑटो स्टैंड बना है, तो दूसरी तरफ फुटपाथी दुकान सजे हैं. इसके आड़ में लोग मल-मूत्र त्यागते हैं.
रेलवे क्वार्टर परिसर की स्थिति तो सबसे ज्यादा खराब है. महीनों से वहां साफ-सफाई नहीं हो रही है. बुकिंग काउंटर के सामने जो यूरिनल है, वहां तक यात्रियों की पहुंच नहीं होती. चूंकि, इतनी गंदगी है कि लोग रास्ते पर ही पेशाब करते है. इन सब बातों को जानते हुए भी अधिकारी संज्ञान नहीं लेते हैं और न ही कभी किसी प्रकार की कार्रवाई की जाती है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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