घटना के बाद भी पुलिस ने नहीं लिया सबक
काराकाट (रोहतास) : पंजाब नेशनल बैंक, इटिम्हां में सेंधमारी कर बैंक लूटने का प्रयास पुनः एक बार फिर विफल हो गया. 16 नवंबर की रात चोरों ने बैंक लूटने का प्रयास किया, लेकिन असफल हो गये. जिस तरह से बैंक लूटने का प्रयास किया गया उससे पता चलता है कि अपराधी मामूली नहीं थे. बैंक लुटेरों को शातिर माना मानने से इन्कार नहीं किया जा सकता है. बैंक लूटने के पूर्व लगता यही है कि लगातार एक सप्ताह तक रेकी की गयी होगी. पुलिस प्रशासन भी इसी नजर से देख रही है. पुलिस अपराधियों को ढूंढ़ने में लगी हुई है. बैंक में 40 हजार से ज्यादा खाताधारी होने के हिसाब से सुरक्षा व्यवस्था सख्त नहीं है.
काराकाट एवं नासरीगंज की सीमा पर स्थित पंजाब नेशनल बैंक ख्याति प्राप्त बैंक है. चार वर्ष पूर्व में बैंक को दिन में लूटने का प्रयास किया गया था. इसमें एक बैंककर्मी संतोष श्रीवास्तव को अपराधियों ने मारकर घायल किया था. फिर भी बैंक लूटने में अपराधी असफल हो गये थे. अब तक इस घटना के बाद दो बार बैंक लूटने का प्रयास किया गया लेकिन बैंक लुटेरा असफल हो जा रहे हैं. तीसरी बार घटना के बाद पुलिस प्रशासन सख्त है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि कुछ माह बीत जाने पर पुलिस प्रशासन की सख्ती कमजोर हो जाती है. उसका फायदा अपराधी उठा लेते हैं. बैंक की दीवार कमजोर तथा पीछे से प्लास्टर भी नहीं है.
रोशनदान लगा है लेकिन काफी कमजोर है, जो आसानी से उखड़ सकता है. सेफ रूम का दरवाजा भी लुंज-पुंज स्थिति में है. शौचालय का सीलिंग खुले 10 एमएम के सरिया से ढंका हुआ है खुला आसमान दिखाई पड़ता है, जो सुरक्षा की दृष्टि के मानक से सही नहीं माना जा सकता. बैंक में प्राइवेट कई लोग कार्यरत हैं, जिसके कारण गोपनीयता का पूरा अभाव दिखता है. बैंक प्रबंधन से लेकर पुलिस प्रशासन को काफी सावधान होना होगा. बैंक का टर्नओवर बड़ा होने के कारण अपराधियों की नजर हमेशा बनी रहती है. बैंक का कार्य शुरू हो चुका है. पुलिस सख्त नजर आ रही है.
