सासाराम नगर : शहर में हर्ष व उल्लास के साथ दशहरा रविवार को संपन्न हुआ. बुधवार की सप्तमी के शाम से ही शहर में लोगों की भीड़ बढ़ गयी थी. सबको मां का पट खुलने के इंतजार था. पट खुलते ही पूजा पंडालों में दर्शन व पूजा अर्चना के लिए भीड़ उमड़ पड़ी.
एक से बढ़ कर एक दर्जनों पूजा पंडालों का शहर में निर्माण कराया गया था. शहर का कोई ऐसा कोना नहीं था, जहां भव्य पूजा पंडाल नहीं बने हों. कई जगहों पर स्थानीय कलाकारों द्वारा आकर्षक मां की प्रतिमा बनायी गयी थी. गेहूं, रेडियम, डायमंड बिंदी व साबुदाने से बनी मां की प्रतिमा को देखने के लिए तीन दिनों तक लोगों की भारी भीड़ लगी रही.
नवमी व दशमी को पूरी रात घूमते रहे लोग: नवमी व दशमी को शहर में पूरी रात लोग अपने परिवार के साथ पूजा पंडालों को देखने के लिए घूमते रहे.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे. विभिन्न पूजा कमेटियों के स्वयंसेवक सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन के सहयोग में लगे रहे. पूरा शहर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमग कर रहा था. समोसा, चाट व मिठाई की दुकानों पर खाने-पीने वालों की भीड़ देखी गयी. ग्रामीण क्षेत्र से हजारों की संख्या में लोग परिवार के साथ पूजा पंडाल देखने पहुंचे थे.
रात के आठ बजते-बजते शहर के लोग भी अपने परिवार के साथ घूमने निकल पड़े. बेदा नहर से एसपी जैन कॉलेज व लालगंज से ताराचंडी धाम तक पूरा शहर लोगों की भीड़ से पटा था. पुरानी जीटी रोड पर पैदल चलना भी मुश्किल था. यही स्थिति रौजा रोड, प्रभाकर रोड, फजलगंज, तकिया व गौरक्षणी न्यू एरिया का था.
