उत्सव. रामकृष्ण आश्रम में आयोजित भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
डेहरी कार्यालय : शहर के पूजा पंडालों में बुधवार को पट खुलते ही श्रद्धालु मां का दर्शन करने पहुंच गये. शंख की ध्वनि व घंटे की आवाज से पूरा शहर गूंज उठा. मां की आरती व जयकारे हर तरफ सुनाई दे रहा है. शहर के पाली रोड स्थित रामकृष्ण आश्रम व डालमियानगर बंगाली क्लब में बंगाली भाइयों द्वारा भंडारे की व्यवस्था की गयी.
भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया. रामकृष्ण आश्रम में बोधन यानी भगवती को जगाने के लिए अनुष्ठान बुधवार को प्रातः से शुरू हुआ. सुबह आमंत्रण व अधिवास की रस्म निभायी गयी व मैया से भक्तों के बीच तीन दिनों तक रहने की कामना की गयी. सप्तमी पर नवपत्रिका प्रवेश कराया गया व भगवती दुर्गा का असली स्वरूप पूजा मंडप में स्थापित किया गया. सप्तमी कि शाम को शहर व गांव तक के देवी के पंडाल दिव्य आभा से जगमग हो गये.
रामकृष्ण आश्रम दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष प्रदीप दास उर्फ गोरा दादा ने बताया कि शारदीय नवरात्र की शक्ति पूजा को अकाल बोधन दुर्गा पूजा के नाम से जाना जाता है. रावण वध के लिए श्रीराम ने मां दुर्गा की आराधना इसी नवरात्र में की थी. हालांकि, इस काल में देवतागण शयन पर होते हैं. हरि प्रबोधिनी एकादशी पर उनका जागरण होता है. ऐसे में शारदीय नवरात्र में भगवती के बोधन करने की परंपरा है.
रावण वध से पहले भगवान श्रीराम ने भी मां की पूजा से पहले उनके जागरण के लिए विधान किये थे. आश्रम में आयोजित भंडारे में पूजा समिति के सचिव सुब्रत चक्रवर्ती, उप सचिव कार्तिक मजूमदार, सदस्य असीम मित्रा, संजय भट्टाचार्य आदि काफी सक्रिय दिखे. सब शहर व गांव के चार दर्जन से अधिक पूजा पंडालों में भी पट खुलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी.
