कोचस : एनएच 30 के किनारे स्थित पीएचसी परिसर में दुग्ध बिक्री केंद्र खोलने के लिये कमरा निर्माण पर लोगों ने एतराज जताते हुए निर्माण पर रोक लगाने की मांग की है.
व्यवसायी दीनदयाल साह, भवसागर साह, मोहन बैठा, अफरोज खां, रामाशंकर साह, पंकज केशरी, पूर्णवासी साह आदि ने कहा कि पीएचसी को सीएचसी में बदलने का प्रस्ताव पारित है. निर्माण होने के बाद आने-जाने का मुख्य रास्ता एनएच 30 की ओर प्रस्तावित है. इसके बावजूद पीएचसी प्रभारी ने बिना सोचे समझे उस जगह पर दुग्ध बिक्री केंद्र खोलने की अनुमति दे दी है. इससे आनेवाले दिनों में रास्ता प्रभावित होने की संभावना है.
पूर्व सीएस के पत्र के आलोक में उपलब्ध कराया जमीन ़ पीएचसी प्रभारी डाॅ अनवर अशरफ ने कहा कि पूर्व सिविल सर्जन अशोक चौधरी के पत्रांक 2037/21-11-14 के आलोक में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में 15×12 का कमरा निर्माण के लिए स्थल उपलब्ध करागया गया है. इसके निर्माण से कोई रास्ता प्रभावित नहीं होना चाहिए. इसी शर्त पर रमेश कुमार सिंह कोनिर्माण के लिए सहमति दी गयी है. अस्पताल प्रबंधन को यह अधिकार है कि उन्हें जब चाहे, हटा सकता है.
जांच के बाद लेंगे निर्णय
सीओ संतोष कुमार ने कहा कि एनएच 30 के किनारे निर्माण कार्य की उनको कोई जानकारी नहीं हैं. उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र नगर पंचायत के जिम्मे है, जिसमें प्रशासनिक स्वीकृति नप से लेनी चाहिए. वैसे इस मामले की जांच के लिए राजस्व कर्मचारी को स्थल निरीक्षण के लिए भेजा गया है. जांच के बाद निर्णय लिया जायेगा.
पीएचसी प्रभारी से शो-कॉज बीडीओ मनोज कुमार ने कहा कि पीएचसी प्रभारी से निर्माण कार्य पर रोक लगाते हुए पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा गया है. रोहतास के सिविल सर्जन ने बताया है कि उनको इस निर्माण की जानकारी नहीं है. बीडीओ ने कहा कि कोचस पीएचसी के जमीन को अतिक्रमित नहीं करने दी जायेगी. जांच के बाद अग्रतर कार्रवाई की जायेगी.
