प्राथमिकता के आधार पर सासाराम में अत्याधुनिक होगी मर्चरी : पांडेय

सासाराम नगर : सासाराम में शवों को सुरक्षित रखने के लिए बने मर्चरी को प्राथमिकता के आधार पर अत्याधुनिक कराया जायेगा. यह काम पूर्व स्वास्थ्य मंत्री को पूरा करा देना चाहिए था. लेकिन, उनके समय में पूरे बिहार के स्वास्थ्य विभाग को बीमार कर दिया गया है. इसे दुरुस्त करने में समय लगेगा. सासाराम ही […]

सासाराम नगर : सासाराम में शवों को सुरक्षित रखने के लिए बने मर्चरी को प्राथमिकता के आधार पर अत्याधुनिक कराया जायेगा. यह काम पूर्व स्वास्थ्य मंत्री को पूरा करा देना चाहिए था. लेकिन, उनके समय में पूरे बिहार के स्वास्थ्य विभाग को बीमार कर दिया गया है. इसे दुरुस्त करने में समय लगेगा. सासाराम ही नहीं प्रदेश के सभी सदर अस्पतालों में उच्च व अत्याधुनिक तकनीक से लैश मरच्यूरी का निर्माण कराया जाएगा.
सासाराम चूकि राष्ट्रीय राजमार्ग व रेल मार्ग से यह जुड़ा है. वहां दुर्घटनाएं ज्यादा होती हैं, जिसके कारण लावारिस शवों की संख्या भी अधिक होती है. ऐसे में वहां के मरच्यूरी को प्राथमिकता के आधार पर अत्याधुनिक बनाया जायेगा. उक्त बातें सूबे के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने फोन पर लावारिस शवों के सड़ने की बढ़ी घटनाओं पर कही. उन्होंने कहा कि इसके लिए विभागीय स्तर पर कार्य शुरू कराया जायेगा. विभाग से जानकारी लेकर बचे हुए कार्य को जल्द कराया जायेगा.
दो साल से बनकर तैयार है मरच्यूरी का भवन ़ सदर अस्पताल में मरच्यूरी का भवन करीब दो वर्ष से बन कर तैयार है. लेकिन, मशीन और कुछ जरूरी साजो-सामान के कारण वह काम नहीं कर रहा है. जिसके कारण लावारिस शव 72 घंटे में ही खराब होने लग रहे हैं. इस संबंध में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डाॅ केएन तिवारी ने बताया कि लावारिस शवों का पोस्टमार्टम करा पुलिस को सौंप दी जाती है.
पुलिस के पास अपना कोई व्यवस्था नहीं है व लावारिस शवों को कम से कम 72 घंटे तक पहचान के लिए सुरक्षित रखना है. ऐसे में वे पोस्टमार्टम रूम में ही 72 घंटे के लिए शवों को छोड़ देते हैं. अस्पताल प्रबंधन इस दिशा में हमेशा सतर्क रहा है कि कोई भी शव 72 घंटे के बाद पोस्टमार्टम रूम में नहीं रहे. तत्काल पुलिस को शव को हटाने के लिए कहा जाता है.
सभी धर्म व संप्रदाय में शव का सम्मान ़ विधायक अशोक कुमार ने कहा कि सभी धर्म व संप्रदाय में शव का सम्मान किया जाता है. वह शव किसी अपराधी का हो या आम आदमी का. मरच्यूरी के अभाव में शव खराब हो जाता है.
कानूनन पुलिस को 72 घंटे तक शव को पहचान के लिए रखना पड़ता है. सदर अस्पताल में शव को रखने की उचित व्यवस्था बहुत जल्द की जायेगी. इसके लिए वे स्वास्थ्य मंत्री से मिलेंगे. जरूरत पड़ने पर विधानसभा में सवाल भी उठायेंगे. वह सीएस काे हर स्तर पर सहयोग करने को तैयार है़

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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