21 वर्षों से कटा है क्वार्टरों का बिजली कनेक्शन

आखिर कब तक जुगाड़ टेक्नोलॉजी के सहारे जलता रहेगा बल्ब काेर्ट ने भी कनेक्शन देने का दिया आदेश, पर कोई अमल नहीं डेहरी कार्यालय : बीते 21 वर्षों से बिना बिजली कनेक्शन के डालमियानगर के क्वार्टरों में रह रहे लोगों को आखिर कब तक कनेक्शन मुहैया करायी जायेगी़ कोर्ट के आदेश के बावजूद बरसों बीत […]

आखिर कब तक जुगाड़ टेक्नोलॉजी के सहारे जलता रहेगा बल्ब
काेर्ट ने भी कनेक्शन देने का दिया आदेश, पर कोई अमल नहीं
डेहरी कार्यालय : बीते 21 वर्षों से बिना बिजली कनेक्शन के डालमियानगर के क्वार्टरों में रह रहे लोगों को आखिर कब तक कनेक्शन मुहैया करायी जायेगी़ कोर्ट के आदेश के बावजूद बरसों बीत गये, परंतु अब तक रोहतास उद्योग समूह के क्वार्टरों में बिजली का कनेक्शन नहीं दिया गया. क्वाटरों में रहनेवाले लोग बिजली कनेक्शन के लिए विभागीय कार्यालय का चक्कर लगाते लगाते थक चुके हैं. कोई न कोई समस्या बताकर बिजली विभाग के अधिकारी यहां के क्वार्टरों में कनेक्शन देने से अपना पल्ला झाड़ देते हैं.
उद्योग समूह के प्रशासक एआर वर्मा द्वारा भी 4 नवंबर, 2016 को एक पत्र के माध्यम से यह स्पष्ट कहा गया है कि क्वार्टरों में रहनेवाले लोग अपना कनेक्शन खुद का लेकर बिजली के लिए निर्धारित राशि का भुगतान विभाग को करें.
इस संबंध में क्वार्टरों में रह रहे लोगों ने बताया कि अपने क्वार्टर में बिजली का कनेक्शन लेने के लिए हमलोग लगातार बिजली विभाग के कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं. कभी कोई पदाधिकारी कुछ कह रहा है तो दूसरा पदाधिकारी कुछ और बातें बता रहा है. ऐसी स्थिति में आखिर हम लोग करें तो क्या करें. कंपनी के क्वार्टरों में जुगाड़ टेक्नोलॉजी से किसी तरह बिजली तो पहुंच रही है, लेकिन वोल्टेज इतना डाउन रहता है कि बल्ब का केवल फिलामेंट जलता है. ऐसी स्थिति में बिजली रहे या न रहे कोई फर्क नहीं पड़ता है.
बिजली विभाग का लाखों का बिल बकाया
सूत्र बताते हैं कि वर्ष 1996 में न्यायालय के आदेश कि क्वाटरों में रह रहे लोग निजी तौर पर अपने नाम से बिजली का कनेक्शन ले कर उस का स्वयं भुगतान करें. लेकिन, बिजली विभाग द्वारा यह कहते हुए कि रोहतास उद्योग समूह के ऊपर बिजली का लाखों लाखों रुपया बिल बकाया है.
पूरे डालमियानगर का बिजली कनेक्शन काट दिया गया. बाद के दिनों में किसी तरह के जुगाड़ टेक्नोलॉजी से क्वाटरों में बिजली के बल्ब तो जले लेकिन बल्ब के केवल फिलामेंट मात्र जलने से कोई फायदा होता नहीं दिखा. डालमियानगर की मुख्य सड़कें व गलियों में लटक रहे जर्जर विद्युत तार किसी बड़ी घटना को निमंत्रण देते नजर आ रहे हैं.
अगर समय रहते बिजली विभाग के अधिकारी सचेत नहीं होते तो आनेवाले दिनों में कोई बड़ी घटना के घटने से इनकार नहीं किया जा सकता. लोगों का यह माना कि यहां बिजली के कनेक्शन नहीं दिये जाने से प्रतिवर्ष लाखों रुपए के राजस्व की हो रही क्षति के लिए जिम्मेदार बिजली विभाग के अधिकारियों पर बिजली बोर्ड द्वारा किसी भी प्रकार की कार्रवाई का नहीं किया जाना वैसे अधिकारियों का मनोबल बढ़ा रहा है.
52 वर्ष पहले लगे थे पांच-पांच साै केवीए के दो ट्रांसफाॅर्मर
डालमियानगर खेल मैदान के दक्षिणी पूर्वी छोर पर स्थित उद्योग समूह के ट्रांसफार्मर हाउस में वर्ष 1965 से पांच-पांच सौ केवीए के दो ट्रांसफार्मर लगे हैं जो किसी जमाने में पूरे रोहतास उद्योग समूह परिसर में रोशनी फैलाने का काम करते थे. आज उक्त दोनों ट्रांसफाॅर्मर में बिजली विभाग द्वारा सप्लाई बंद कर दिया गया है.
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि उक्त दोनो ट्रांसफाॅर्मर रोहतास उद्योग समूह का है व उसके ऊपर विभागीय बिजली बिल बकाया है, जिस कारण उसका कनेक्शन काटा गया है. बिजली के कनेक्शन की सप्लाई बंद किये जाने के बाद लोगों द्वारा किसी तरह जुगाड़ टेक्नोलॉजी से ट्रांसफार्मर में बिजली पहुंचाने का सफल प्रयास किया गया लेकिन साल के अधिकांश दिन ट्रांसफार्मर के जले रहने के कारण बिजली की सप्लाई बंद रहती है. लोगों द्वारा आपस मे चंदा कर लाखों रुपया खर्च कर जले ट्रांसफाॅर्मर को बनवाया तो जाता है, लेकिन ओवरलोड व जर्जर तारों के चलते लो वोल्टेज की समस्या से लोगों को जूझना पड़ता है. केवल कहने मात्र भर ही बिजली का सुख लोगों को मिल पाता है.
अविलंब देना चाहिए कनेक्शन
जय भारती सेवा संस्थान के सचिव विनय कुमार मिश्र कहते हैं कि उच्चतम व उच्च न्यायालयों के आदेश को मानते हुए बिजली विभाग को अविलंब उद्योग समूह के क्वार्टरों में रह रहे लोगों को कनेक्शन देना चाहिए. ऐसा नहीं किया जाना न्यायालय के आदेश की अवहेलना नहीं तो और क्या माना जाये. अधिवक्ता वैरिष्टर सिंह कहते हैं कि क्वार्टर में रह रहे लोगों को विद्युत कनेक्शन दिये जाने से विभाग को जहां लाखों रुपए राजस्व की प्राप्ति होगी, वहीं उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली की सुविधा मुहैया होगी.
समाजसेवी पारस दुबे कहते हैं कि जर्जर विद्युत तार के कारण उद्योग परिसर में कहीं निकलने पर दुर्घटना घटने का डर लगता है. अगर बिजली विभाग ब्यवस्थित ढंग से पोल व तार के सहारे बिजली मुहैया कराए तो विभाग के साथ साथ आम जनता को भी काफी फायदा होगा. ललित सिन्हा कहते हैं कि उद्योग समूह के प्रशासक एआर वर्मा द्वारा क्वार्टर में कनेक्शन दिए जाने पर विरोध करने का झूठा आरोप लगाकर बिजली विभाग के अधिकारी कनेक्शन देने से बच रहे हैं. इससे लाखों रुपए विभागीय राजस्व की छति हो रही है.
बहुत जल्द उठाया जायेगा कदम
बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता संजय कुमार शर्मा कहते हैं कि इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेकर बहुत जल्द उचित कदम उठाया जायेगा

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