शिक्षा मंत्रालय के कदम को शिक्षाविदों ने सराहा

शिक्षकों की प्रोन्नति में शोध की अनिवार्यता समाप्त करने का मामला सासाराम शहर : मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा शिक्षकों के प्रोन्नति के लिए शोध की अनिर्वायता समाप्त करने के कदम को शिक्षाविदों ने सराहनीय कदम बताया है. शिक्षा माफियाओं के बढ़ते हस्तक्षेप के कारण मानव संसाधन विभाग को ऐसा कदम उठाना पड़ा, जिसका शिक्षाविदों […]

शिक्षकों की प्रोन्नति में शोध की अनिवार्यता समाप्त करने का मामला
सासाराम शहर : मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा शिक्षकों के प्रोन्नति के लिए शोध की अनिर्वायता समाप्त करने के कदम को शिक्षाविदों ने सराहनीय कदम बताया है. शिक्षा माफियाओं के बढ़ते हस्तक्षेप के कारण मानव संसाधन विभाग को ऐसा कदम उठाना पड़ा, जिसका शिक्षाविदों ने मंत्रालय के इस कदम को सही ठहराया.
वहीं, इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में दो बार विज्ञापन होने के बावजूद अब तक नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं होने पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री से तत्काल साक्षात्कार प्रक्रिया शुरू कराने की मांग की है.
वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य डाॅ सत्येंद्र कुमार सिंह, शरतचंद्र, संतोष व पूर्व भाजपा जिला उपाध्यक्ष डाॅ विनोद सिंह उज्जैन ने कहा कि राज्य में संबद्धता प्राप्त महाविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति में शोध की अनिवार्यता बहाल होंने से मानव संसाधन द्वारा आये आदेश में भिन्नता नजर आ रही है.
शिक्षाविदों ने महाविद्यालयों में वर्षो से पठन-पाठन कर रहे शिक्षकों के लिए शोध की अनिर्वायता से छूट देने की वकालत किया व संबंद्धता प्राप्त महाविद्यालयों में स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति का विज्ञापन विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कर चयन शुरू कराने डाॅ सुधीर सिंह, डाॅ उमेश राय, डाॅ अंजनी सिंह, डाॅ राकेश बघेल, डाॅ उमाकांत चतुर्वेदी आदि ने मांग की है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >