40 में 30 पार्षदों ने डाले इओ को हटाने के लिए वोट

विशेष बैठक में दिखी जनप्रतिनिधियों की एकजुटता अनुराग शरण सासाराम : नगर पर्षद में अफसरशाही पर भारी पड़ गये जनप्रितनिधि : नगर पर्षद में कार्यपालक पदाधिकारी (इअो) को हटाने का प्रस्ताव पारित किया. नगर पर्षद में एक पखवारे से चल रहे शह-मात के खेल का गुरुवार को पटाक्षेप हो गया. इस खेल में नगर पार्षदों […]

विशेष बैठक में दिखी जनप्रतिनिधियों की एकजुटता
अनुराग शरण
सासाराम : नगर पर्षद में अफसरशाही पर भारी पड़ गये जनप्रितनिधि : नगर पर्षद में कार्यपालक पदाधिकारी (इअो) को हटाने का प्रस्ताव पारित किया. नगर पर्षद में एक पखवारे से चल रहे शह-मात के खेल का गुरुवार को पटाक्षेप हो गया. इस खेल में नगर पार्षदों ने बाजी मार ली. विशेष बैठक में पार्षदों की एकजुटता ने नया इतिहास रच दिया. कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ 40 में से 30 पार्षदों ने प्रस्ताव पास कर अफसरशाही को चेता दिया कि नगर पर्षद में जनता की मनमर्जी चलेगी न की अफसर की.
अब तक के इतिहास में वहीं होता था, जो अफसर चाहते थे. नगर पर्षद की स्थापना के बाद यह पहला मौका है जब पार्षदों की एकता के सामने अफसरशाही बेबस दिखी. बैठक से पहले ही कार्यपालक पदाधिकारी को अपनी हार और पार्षदों को अपनी जीत का एहसास हो गया था. जैसे-जैसे पार्षद जुटते जा रहे थे, कार्यपालक पदाधिकारी की बेचैनी बढ़ती जा रही थी.
बैठक की कार्यवाही के दौरान बेचैन रहे इओ : नगर पर्षद की विशेष बैठक दिन में लगभग 12 बजे शुरू हुई और तीन बजे तक चली. कार्यपालक पदाधिकारी मनीष कुमार लगभग 10 बजे ही कार्यालय पहुंच गये थे और अपने कार्यालय में बैठे-बैठे सीसीटीवी से लगातार मुख्य गेट से लेकर बैठक कक्ष तक नजरें टीकाये थे.
हर एक पार्षद की उपस्थिति के साथ इओ और कार्यालय में बैठे कुछ लोगों की बेचैनी बढ़ती जा रही थी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार्यपालक के कक्ष में बैठक के लिए आने वाले पार्षदों की गिनती उंगली पर की जा रही थी. कार्यपालक पदाधिकारी की हरकतों से ऐसा लग रहा था कि उन्हें इस बात का तनिक भी इल्म नहीं था कि आज उनकी कुर्सी चली जायेगी.
बैठक में ये पार्षद रहे मौजूद
बैठक में उपस्थित पार्षदों सुनीता देवी, शैलेश कुमार, हेमा देवी, राहूल राज, धर्मशीला देवी, धनवता देवी, कलावती देवी, पूनम सिंह, रविंद्र कुमार गुप्ता, रेखा गुप्ता, विंध्याचली देवी, हसीना खातून, जुलेखा बेगम, राजेंद्र प्रसाद चौरसीया, प्रीति देवी, बलबीर सिंह, कृष्णा प्रसाद, सुनिता देवी, अब्दूल बारी, अंजू देवी, सचिन कुमार, इम्तेयाज हुसैन, सुकांती देवी, मंजू देवी, बिरेंद्र प्रसाद चौरसिया, राजीव कुमार रंजन व संगीता देवी की एकता ने वो कर दिखाया, जिसकी कल्पना भी शहरवासियों ने नहीं की थी.
10 पार्षद रहे गैरहाजिर
लोगों के बीच पूर्व मुख्य पार्षद व वार्ड 30 की पार्षद गुलशन अफरोज व अन्य नौ पार्षदों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही. बैठक के दौरान 40 में से 30 पार्षद उपस्थित थे. जिन्होंने कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ मत किया.
भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वाले पूर्व पार्षद दशरथ प्रसाद व अत्येंद्र कुमार सिंह ने कहा कि जब पार्षदों को भ्रष्टाचार व अफसरशाही के खिलाफ लड़ कर शहरवासियों के लिए कुछ अच्छा करने का मौका मिला, तो वे भाग खड़े हुये. यह आचरण शहर के हित में नहीं है. बैठक में वार्ड सात के पार्षद धनजीत यादव, 12 के विकास कुमार चंचल, 17 की नजमा बेगम, 19 की सबिता देवी, 21 की लखरानी देवी, 26 की फरहत खानम, 27 के संजय कुमार अग्रवाल, 35 के बिहारी कुमार व 36 के किशुन लाल सोनकर अनुपस्थित थे.
पूर्व मुख्य पार्षद नाजिया बेगम ने रखा प्रस्ताव
विशेष बैठक में उस समय लोग अचंभित हो गये, जब पूर्व मुख्य पार्षद सह वर्तमान में वार्ड 29 की पार्षद नाजिया बेगम ने कार्यपालक पदाधिकारी को हटाने का प्रस्ताव रखा.
अब तक लोग नाजिया बेगम को वर्तमान मुख्य पार्षद का विरोधी समझ रहे थे. नाजिया के इस कदम को मुख्य पार्षद व शहर के हित में माना जा रहा है. इस संबंध में नाजिया बेगम ने कहा कि शहर के हित व जनप्रतिनिधियों के मान सम्मान से समझौता नहीं किया जा सकता. कोई नौकरशाह हमें नहीं चलायेगा. हम बोर्ड को चलायेंगे.
पहले से आहूत थी विशेष बैठक
31 जुलाई को पार्षदों ने मुख्य पार्षद को पत्र लिख कर इओ को हटाने के लिए विशेष बैठक बुलाने की मांग की थी.इसके जवाब में मुख्य पार्षद ने 10 अगस्त को विशेष बैठक आहूत की थी. बैठक की जानकारी पत्र के माध्यम से डीएम व नगर विकास विभाग के सचिव को भी दे दी गयी थी. दिन तय होते ही इओ व पार्षदों के पक्ष में गोलबंदी शुरू हो गयी थी.
दोनों पक्ष अपने-अपने सर्मथकों को एकजुट करने लगे थे. खासकर इओ को बचाने के लिए बना खेमा जीतोड़ मेहनत कर रहा था. सूत्रों की मानें तो जिले के अधिकतर अधिकारी इओ के पक्ष में गोलबंद हो गये थे. अधिकारियों ने इसे अपनी नाक का सवाल बना लिया था. उनका साथ अधिकतर वैसे लोग दे रहे थे, जिनका रोजी रोजगार अधिकारियों की जी हजूरी से चलता है.
मुख्य पार्षद कंचन देवी ने कहा कि जब जब कोई अधिकारी शहरवासियों के हित और पार्षदों के अधिकार से खिलवाड़ करेगा हम ऐसे ही एकजुटता का परिचय देते रहेंगे. आज की कार्रवाई उन अधिकारियों के लिए सबक है जो भ्रष्टाचार का साथ देते हैं और जनहित के खिलाफ काम करते हैं. अब वक्त बदल चुका है. भष्ट्र अधिकारियों व कर्मचारियों को भी बदलना पड़ेगा.
उप मुख्य पार्षद विजय महतो ने मुख्य रूप से उपस्थित विरोधी गुट के दो पार्षदों का विशेष आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि यह ऐसा मौका था, जिसमें तमाम पार्षदों को एक हो जाना चाहिए था. लेकिन, दु:ख की बात है कि ऐसे समय में भी कुछ ने शहर के हित के लिए हाथ खींच लिया.

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