करगहर : प्रखंड मुख्यालय पर बुधवार को चलंत लोक अदालत का आयोजन हुआ. इसमें करगहर कोचस व नोखा प्रखंड के कुल 371 वादों का निबटारा किया गया. इसमें 230 दाखिल खारिज व 141 एलपीसी शामिल है.
इस अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए न्यायिक सदस्य नंदकिशोर तिवारी ने कहा कि वर्षों से पिछड़े व न्याय से बिछड़े लोगों को न्याय दिलाने के लिए यह सबसे अच्छा व सहज न्यायालय है. उन्होंने कहा कि इस अदालत के माध्यम से हम दोनों पक्षों की उपस्थिति में आपसी सहमति के आधार पर निर्णय लिया जाता है, जो अंतिम व सर्वमान्य होता है.
इसके विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में भी अपील दायर नहीं की जा सकती है. इसका सबसे बड़ा खासियत यह है कि इसमें फरियादियों द्वारा जमा किया गया कोर्ट फीस भी वापस हो जाता है. उन्होंने कहा कि यह न्यायालय लोगों का मानसिक तनाव दूर कर उनमें आपसी भाईचारा कायम करने का सबसे आसान माध्यम है. इसे प्रत्येक व्यक्ति को खुशहाल जीवन जिने के लिए अपनाना चाहिए. मौके पर मानवाधिकार आयोग सचिव जितेंद्र कुमार पाठक एडवोकेट असरफ अली, बीडीओ सैयद सरफराजुदीन अहमद, करगहर सीओ अजय कुमार श्रीवास्तव, नोखा सीओ राहुल कुमार, कोचस सीओ संतोष कुमार आदि उपस्थित थे.
