पांच किलोमीटर में रेलवे ट्रैक बन गया डेंजर जोन

बुधवार को ही शंकर कॉलेज के सामने मालगाड़ी की चपेट में आने से युवक की हो गयी थी मौत सासाराम नगर : सासाराम शहरी क्षेत्र में करीब पांच किलोमीटर की दूरी में रेलवे ट्रैक खतरनाक होते जा रहा है. शहर की आबादी तेजी से बढ़ रही है. शहर के बीचो-बीच से रेलवे ट्रैक गुजरा है. […]

बुधवार को ही शंकर कॉलेज के सामने मालगाड़ी की चपेट में आने से युवक की हो गयी थी मौत
सासाराम नगर : सासाराम शहरी क्षेत्र में करीब पांच किलोमीटर की दूरी में रेलवे ट्रैक खतरनाक होते जा रहा है. शहर की आबादी तेजी से बढ़ रही है. शहर के बीचो-बीच से रेलवे ट्रैक गुजरा है. इसके कारण शहर दो भागों में बंटा है. उत्तर व दक्षिण. दोनों तरफ लोगो का आना जाना होता है. अक्सर लोग जल्दी के चक्कर में रेलवे ट्रैक पार करते रहते है. मामूली चुक होने पर लोग ट्रेन की चपेट में आकर अपनी जान गंवा बैठते हैं.
लगातार घटनाएं हो रही है. इन दिनों फ्रेट कॉरिडोर का काम अंतिम चरण में है. बहुत जल्द फ्रेट कॉरीडोर पर ट्रेनों का परिचालन भी शुरू होने वाला है. अब तीन लाइन पर दुर्घटना की काफी लंबी सूची है. जब फ्रेट कॉरिडोर शुरू हो जायेगा तब स्थिति और भयावह हो जायेगी. लोग रेलवे ट्रैक पार करने की आदत नहीं छोड़ रहे हैं. ऐसे में घेराबंदी से ही रेलवे ट्रैक पर हो रही घटनाओं को रोक जा सकता है.
घनपुरवा गुमटी से बेदा नहर पुल तक बहुत जरूरी : शहर में धनपुरवा गुमटी से बेदा नहर पुल तक लोगों की बहुत अधिक आवाजाही होती है. खास कर धनपुरवा गुमटी, आरा गुमटी, तकिया गुमटी, शंकर कॉलेज के समीप व बेदा नहर पुल पर भीड़ दिखती है. इसके बाद इतनी दूरी में लोग कहीं से भी रेलवे ट्रैक पार करते रहते है.
ऐसा नहीं है कि लोगों को खतरे का एहसास नहीं है. बावजूद जोखिम उठाते हैं. शहर के उत्तर गौरक्षणी एजुकेशन हब है. गौरक्षणी में करीब 50 कोचिंग संस्थान हैं. सैकड़ों बच्चे दक्षिणी क्षेत्र से गौरक्षणी में कोंचिग में पढ़ने जाते हैं. मामूली लापरवाही से पिछले वर्ष चार छात्राओं की जान चली गयी थी. इसमें दो सगी बहनें थी. ट्रेन की चपेट में आयी एक छात्रा विकलांग होकर आठ माह से बिस्तर पर पड़ी है. बुधवार को शंकर कॉलेज के समीप रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान एक युवक मालगाड़ी की चपेट में आ गया. जिससे उसकी मौत हो गयी.
कॉरिडोर का काम पूरा होते ही होगी घेराबंदी
रेलवे ट्रैक के दोनों तरफ घेराबंदी होनी है. खास कर धनपुरवा गुमटी से आरा गुमटी तक घेराबंदी बहुत जरूरी है. जैसे ही फ्रेट काॅरिडोर का काम पूरा होगा. परिचालन शुरू होने से पहले डीएफसीसी पूरे रेलवे ट्रैक की घेराबंदी करायेगा. रेलवे के पास घेराबंदी की कोई योजना नहीं है.
खास मौके पर (पर्व त्योहार) रेलवे प्रशासन ट्रैक पर मुस्तैद रहती है. लोगों को ट्रेन आने के समय ट्रैक पार करने से रोका जाता है. इसके लिए आरपीएफ व जीआरपी के जवान व अधिकारी लगे रहते हैं.
उमेश पांडेय, स्टेशन प्रबंधक, सासाराम

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