औरंगाबाद की घटना के बाद जिले में हाइअलर्ट
सासाराम नगर : जिले में कैमूर पहाड़ी पर नक्सली पहुंच चूके है. पहाड़ी में नक्सलियों की चहल कदमी से पुलिस कि परेशानी बढ़ गयी है. बरसात के मौसम में पहाड़ी रास्ते बंद हो जाते हैं, जिससे ऑपरेशन चलाने में काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है. नक्सली बरसात शुरू होने का ही इंतजार कर रहे थे.
नक्सली अनिल कुशवाहा व टीम के पकड़े जाने के बाद कैमूर पहाड़ी से नक्सलियों का सफाया हो गया था. गरमी के मौसम में पहाड़ी पर पानी नहीं होने के कारण नकसली पहाड़ी का रूख करने से परहेज करते रहे. पुलिस भी सुस्त पड़ गयी थी. जानकारों के माने, तो नक्सली जिले के सीमा पर स्थित जरादाग घाटी के रास्ते पहाड़ी पर पहुंच चूके है.
ऑपरेशन चलाने में हो रही कठिनाई : कैमूर पहाड़ी पर नक्सलियों के पहुंचने की सीआरपीएफ भी पुष्टि कर रही है. सीआरपीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि नौहट्टा थाना क्षेत्र के जंगल में नक्सलियों को देखा गया है.
पांच-छह की संख्या में नक्सली एक दुर्गम घाटी की ओर बढ़ रहे थे. सभी हथियार से लैस थे. पहाड़ी पर बहुत ही जटील रास्ता है. बारिश के कारण रास्ते पर झाड़ियां उग गयी है. इससे ऑपरेशन चलाने में कठिनाइयों हो रही है. फिर भी टीम शुक्रवार की सुबह से पांच घंटे जंगल में ऑपरेशन चलायी. घने जंगल का फायदा उठा दस्ता आगे निकल गया या कहीं घाटी में छुप गया है.
पहाड़ी पर नक्सलियों का नया दस्ता पहुंचा है. जिससे खुफिया इनपुट कारगर नहीं हो रहा है. पहाड़ी पर बसे गांव के लोग जानकारी देने से बच रहे है. औरंगाबाद में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ की घटना के बाद कैमूर पहाड़ी, तलहटी के क्षेत्र व सोननद पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है.
जिले की सीमा पर विशेष नजर
औरंगाबाद में गुरुवार को पुलिस व नक्सली मुठभेड़ के बाद जिले में हाइ अलर्ट है. एएसपी नक्सल अभियान दुर्गेश कुमार ने बताया औरंगाबाद की घटना में सहयोग के लिए जिले से सीआरपीएफ की तीनों टीम गयी थी. शुक्रवार को वापस लौटी है. पड़ोसी जिले में जब भी नक्सली घटना होती है.
नक्सली कैमूर पहाड़ी की ओर रूख करते है. जिले की सीमा पर विशेष नजर रखी जा रही है. लगातार ऑपरेशन चलाया जा रहा है. कैमूर पहाड़ी पर नक्सलियों के पहुंचने की सूचना है. लेकिन, अब तक स्थानीय स्तर पर इसकी पुष्टि नहीं हो रही है.
ऑपरेशन के दौरान नक्सली देखे गये है. ऐसा सीआरपीएफ द्वारा जानकारी मिली है. जिले के सभी थाने को अलर्ट कर दिया गया है. स्थानीय लोगों से क्षेत्र से नये लोगों को देख जाने पर तुरंत इसकी सूचना पुलिस को देने की अपील की जा रही है. जिले की सीमा पर स्थित यदुनाथपुर पुलिस पिकेट से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित जारादाग घाटी पर विशेष नजर रखी जा रही है.
