सड़क चौड़ीकरण व ड्रेनेज निर्माण की योजना से शौचालय के अस्तित्व पर खतरा
सड़क व ड्रेनेज की योजना के मूर्तरूप लेने पर शौचालय पर हुआ खर्च हो सकता है बरबाद
सासाराम कार्यालय : पूरे जिले में ओडीएफ का जोर है. ऐसे में जिला मुख्यालय शहर सासाराम में भी शौचालय निर्माण के लिए नगर पर्षद सक्रिय है. घरों शौचालय निर्माण कोई ज्यादा परेशानी नहीं है, पर सार्वजनिक शौचालय निर्माण के लिए नगर पर्षद को जबरदस्त माथा-पच्ची करनी पड़ रही है.
इसी तरह के एक सार्वजनिक शौचालय निर्माण में मामला फंसता नजर आने लगा है. पहले एक सार्वजनिक शौचालय के निर्माण के लिए शहर के एक मात्र नेहरू शिशु उद्यान में सामग्री गिरायी गयी. उद्यान के प्रबंधक समाजसेवी दशरथ दूबे ने इसका विरोध किया, तो निर्माण कार्य रूक गया. इसके बाद नगर पर्षद ने अति व्यस्त पोस्ट ऑफिस चौराहे के समीप पुरानी जेल के सामने पुरानी जीटी रोड के किनारे शौचालय निर्माण शुरू की. लोगों ने इसका भी विरोध करना शुरू कर दिया है.
लोगों का कहना है कि पोस्टऑफिस चौराहे के समीप जाम की समस्या से निजात के लिए प्रशासन ने पुराने जीटी रोड के चौड़ीकरण की योजना बनायी है. सड़क कहां तक चौड़ा किया जायेगा, इसका अता-पता नहीं. हां, इतना जरूर है कि इसके लिए सर्वे हो रहा है. वहीं, शहर में ड्रेनेज सिस्टम के तहत बड़ा नाला बौलिया रोड से फजलगंज तक बनना है. इसके लिए टेंडर हो चुका है.
नाला सड़क के किनारे ही बनेगा. इन दोनों परिस्थितियों में शौचालय के अस्तित्व पर खतरा बन जायेगा. अगर बाद में शौचालय को तोड़ना पड़ा, तो नगर की जनता की कमाई का लाखों रुपया बरबाद हो जाने की आशंका है. यह तो हुई लोगों की बात. शौचालय निर्माण का जनवादी ऑटो चालक मजदूर संघ ने भी विरोध किया है.
एसडीओ को दिये आवेदन में संघ के महासचिव दिनेश सिंह ने कहा है कि इस स्थान पर शौचालय निर्माण की योजना गलत है. पहले से जाम की समस्या इस जगह बनी रहती है. शौचालय बनने पर सड़क संकिर्ण हो जाएगी. इसके साथ ही ऑटो चालकों के लिए इसी जगह पर स्टैंड निर्माण की योजना भी है. ऐसे में इस स्थान पर शौचालय नहीं होना चाहिए.
