अकबरपुर : ‘जंगल की बेटी करे पुकार वन विभाग का नहीं सहेंगे अत्याचार, जो जमीन सरकारी है वह जमीन हमारी है,’ जैसे नारों के साथ नौहट्टा व रोहतास प्रखंड के सैकड़ों वनवासियों ने रोहतास वन विभाग के मुख्य गेट को घेराव किया जिसमें महिला व पुरुष ने भाग लिया.
वनवासियों ने वन कर्मचारियों पर आरोप लगाया कि वन विभाग के कर्मचारी द्वारा जबरन दर्जनों झोंपड़ी जला दिये गये व घर का समान जबरदस्ती लूटपाट कर अपने परिसर में ले आये व झूठा मुकदमा हम वनवासियों पर किये वन अधिकार कानून 2006 के संशोधित कानून 2012 के अंतर्गत नौहट्टा व रोहतास के नावाडीह खुर्द में व पानदुका में दर्जनों लोग झोंपड़ी डाल कर रहा करते थे. मगर 25 मई को वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा हम लोगों के घर से रजिस्टर, नक्शा, खतियान, कुरसी, दीवान, पलंग, टप्पर, सब्बल, चावल हर-हर दाल सोलर लाइट काठ का बक्सा हसुआ सब घर का सारा सामान जबरन उठा कर ले आया गया.
हम लोगों को आसमान के नीचे रहने पर मजबूर कर दिया गया. वन विभाग के अधिकारियों से यही मांग है कि महिला आदिवासी और मजबूर वनवासियों पर अत्याचार बंद करें व झूठा मुकदमा सब वापस ले अन्यथा हम लोगों का आंदोलन उग्र होगा. इसके जिम्मेदार खुद वन विभाग होगी. वनवासियों ने अपना ज्ञापन वन विभाग के कर्मचारियों को दीया व जल्द समान वापसी व झूठा केस वापसी करें. इस मौके पर बुधन राम, जगनारायण राम, अमरनाथ राम, शारदा देवी, मंजू देवी, भगवंती देवी, उर्मिला देवी, मीना देवी, सतनारायण राम, प्रवेश राम, सत्येंद्र कुमार, जगरनाथ राम, शांति देवी, राजकुमारी देवी आदि सैकड़ों लोग मौजूद थे.
