चिंता. नहर के पिंड की घट रही चौड़ाई, प्रशासन लापरवाह
नहर में ज्यादा पानी छोड़ने से बह जाते हैं बोल्डर
डेहरी : अनुमंडल मुख्यालय को दक्षिणी हिस्से से जोड़नेवाली महत्वपूर्ण सड़क एनएच 2सी पर सोन नहर के कटाव से खतरा मंडराने लगा है. फोरलेन पर वीर कुंवर सिंह चौक से शहर के गांधी चौक, तार बंगला मोड़, बीरामपी गेट होकर रोहतास जानेवाली उक्त सड़क पहाड़ी इलाके में रहनेवाले लोगों के लिए लाइफलाइन मानी जाती है. हदहदवा पुल के समीप सोन नहर के कटाव से सड़क के बाद पूर्वी हिस्से में नहर की तरफ करीब 12 फीट चौड़ी नहर का पिंड कटाव के कारण घट कर महज 2-3 फीट का हो गया है. उक्त स्थल पर घुमावदार मोड़ होने के कारण थोड़ी-सी चूक होने पर वाहन नहर में गिर सकते हैं.
पानी में बह गये कटाव रोकनेवाले बोल्डर: हदहदवा पुल के समीप कटाव रोकने के लिए लगाये गये बोल्डर पानी में बह गये हैं. कुछ बोल्डर बचे हैं. लेकिन, कटाव को रोकने में सक्षम नहीं हैं. कटाव में सबसे अधिक बढ़ोतरी नहर में पूरा पानी छोड़ने के समय होती है. बरसात के मौसम में सड़क का पानी ऊपर से बहने के कारण मिट्टी कट कर नहर में गिरने लगती है. नहर में क्षमता के अनुसार पूरा पानी छोड़ने की स्थिति में भी बोल्डर पर लगी मिट्टी भी बह जाती है.
सुरक्षा गार्ड लगाने की मांग: शहर के निवासी मुन्ना लाल बसेरा, शिक्षक बबन उपाध्याय, समाजसेवी राजेंद्र सिंह, नरेश यादव, रालोसपा नेता कुमार रितेश सिंह, भाजपा के प्रखंड अध्यक्ष अजय ओझा, भाजयुमो के नगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, प्रकाश गोस्वामी, राजीव कुमार, पूर्व पार्षद मुन्ना लाल कसेरा, जीवन प्रकाश, पार्षद ब्रम्हेश्वर प्रसाद उर्फ काली बाबू व मुज्जीबुल हक, दारा सिंह यादव, राजद युवा नेता नंद सिंह यादव, जितेंद्र यादव आदि ने प्रशासन से कटाव रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है.
क्या कहते हैं लोग
उक्त स्थल पर सड़क के बाद बने मिट्टी के पिंड की चौड़ाई काफी थी, लेकिन आज वहां सोन नहर के कटाव के कारण सड़क के समीप तक मिट्टी पानी में बह गयी है, जो काफी खतरनाक है.
ललन चौधरी, व्यवसायी
अति महत्वपूर्ण उक्त सड़क से बंजारी सीमेंट फैक्टरी सहित सोन बालू घाट के लिए सैकड़ों भारी वाहन आते-जाते हैं. ऐसी स्थिति में अगर उक्त स्थल पर सड़क का कटाव नहीं रोका गया, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
नरेंद्र सिंह
उक्त स्थल के समीप पूर्व में दूध भरे टैंकर सहित कई वाहन पलट चुके हैं. हर बार घटना उक्त स्थल से थोड़ा आगे-पीछे घटित होने के कारण बड़ा हादसा टल जाता है. फिर भी उक्त समाया अधिकारियों की आंख को नहीं खोलती.
रवींद्र यादव
हदहदवा पुल के समीप जारी कटाव रोकने के लिए विभागीय अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए. वहां कि स्थिति के प्रति संबंधित अधिकारी गंभीर नहीं होते हैं, तो यही माना जायेगा कि अधिकारी किसी बड़े हादसे के इंतजार में हैं. मनोज तिवारी
