आसान नहीं है पूर्णिया से भागलपुर की यात्रा, यात्रियों की हो रही फजीहत

यात्रियों की हो रही फजीहत

पूर्णिया. विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद पूर्णिया से भागलपुर की यात्रा एक बार फिर यात्रियों को गुजरे जमाने की याद दिला रहा है. एक ओर सरकारी बसों की संख्या में गिरावट आ गयी है तो वहीं दूसरी ओर भागलपुर जाने के लिए नवगछिया तक ही सरकारी बस की सुविधा मिल रही है. इसके बाद का सफ़र गंगा घाट तक जाने के लिए ऑटो और टोटो पर तय करना पड़ता है फिर छोटे नाव से गंगा के उस पार और उसके बाद भागलपुर जीरो माइल तक ऑटो अथवा टोटो की मदद लेनी पड़ती है. इससे यात्रियों का खर्च बढ़ गया है और समय भी व्यर्थ गंवाने पड़ रहे हैं. जबकि पूर्णिया से भागलपुर तक जाने का दूसरा माध्यम वाया मुंगेर है जिससे दूरी, समय और आर्थिक खर्च सभी में अनावश्यक वृद्धि हो जाती है. कुल मिलाकर यात्रियों को यह यात्रा इन दिनों बेहद दुरूह सा महसूस हो रहा है. सरकारी बस संचालकों का कहना है कि विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त होने के पूर्व जहां सरकारी बसें अमूमन 50 फेरे लगाती थीं उनकी संख्या घटकर अमूमन 15 से 20 ट्रिप पर सिमट गयी हैं. इसके पीछे यात्रियों की संख्या में कमी और अंडरटेकिंग प्राइवेट बस ओनर द्वारा अपनी बसों का इस रूट पर परिचालन बंद कर दिया जाना प्रमुख है. सरकारी बसों के संचालकों का यह भी कहना है कि उनकी बसों को भागलपुर हाई लेवल तक नहीं जाने दिया जाता है जिस वजह से नवगछिया जीरो माइल पर उन्हें यात्रियों को उतारने के बाद वहां से खाली ही वापस आना पड़ता है. जबकि कुछ निजी बसों का संचालन गंगा घाट के निकट तक किया जा रहा है और अमूमन यात्री वहीं बस पर सवार हो जा रहे हैं.

पहले 126 रूपये में ही तय होता था भागलपुर तक का सफ़र

पूर्व में सरकारी बसों से पूर्णिया से भागलपुर तक की यात्रा के लिए यात्रियों को प्रति व्यक्ति निर्धारित दर 126 रूपये ही अदा करने पड़ते थे जबकि अब उन्हें पूर्णिया से नवगछिया तक के लिए प्रति यात्री 100 रूपये देने पड़ते हैं. वहीं गंगा घाट तक जाने के लिए टोटो अथवा ऑटो का भाडा अमूमन 40 रुपया अदा करना पड़ता है जबकि गंगा पार कराने के लिए नाव की सेवा के लिए 50 रूपये और नाव से उतरने के बाद फिर टोटो अथवा ऑटो से भागलपुर जीरो माईल तक जाने के लिए 20 रूपये अदा करने पड़ते हैं. हालांकि सरकारी स्टीमर की सेवा समय के अनुसार निःशुल्क उपलब्ध है लेकिन जिनके समक्ष नाव से गंगा पार जाने की जल्दी है उन्हें अतिरिक्त खर्च करने पड़ते हैं. इस प्रकार यात्रियों पर ””””एक्स्ट्रा एक्सपेंस”””” का लोड पड़ रहा है और समय की भी बर्वादी हो रही है.

बोले सरकारी बस कर्मी

भागलपुर पुल के टूट जाने और सीधा आवागमन बंद हो जाने के बाद सरकारी बस की सेवा नवगछिया जीरो माईल तक ही सिमित हो गयी है. कुछ लोगों द्वारा उन्हें गंगा घाट तक जाने से रोका जा रहा है इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गयी है. इसके अलावा सरकारी बसों के संचालन से सरकार को होने वाली आमदनी भी कम हो गयी है.

मो. वशी अख्तर, सरकारी बस संवाहक फोटो -9 पूर्णिया 2- मो. वशी अख्तरएक ओर यात्रियों की संख्या में गिरावट आई है तो दूसरी ओर अंडरटेकिंग प्राइवेट बस ओनर ने इस रूट पर बसों का संचालन बंद कर दिया है. सरकारी बसों के फेरे भी आधे से भी कम हो गये हैं. अगर भागलपुर में पूर्व की व्यवस्था के अनुसार गंगा घाट तक सरकारी बसों की सुविधा सुनिश्चित हो जाए तो यात्रियों को कुछ हद तक सहूलियत होगी.

विनोद कुमार, सरकारी बस चालक

फोटो -9 पूर्णिया 3- विनोद कुमार

फोटो – 9 पूर्णिया 4- सरकारी बस स्टैंड

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By SATYENDRA SINHA

SATYENDRA SINHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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