Purnia News: सावन की पहली सोमवारी से पहले पूर्णिया सिटी के प्रसिद्ध सौरा नदी घाट पर सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है. जिस घाट पर हर साल हजारों शिवभक्त आस्था की डुबकी लगाकर जल भरते हैं, वहां इस बार गंदगी, प्रदूषित पानी और अव्यवस्थित घाट की स्थिति श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बैरीकेडिंग तो की गई है, लेकिन घाट न तो पूरी तरह सुरक्षित है और न ही व्यवस्थित.
सावन की शुरुआत में हुई डूबने की घटना के बाद श्रद्धालुओं में पहले से ही भय का माहौल है. ऐसे में पहली सोमवारी पर मध्यरात्रि से शुरू होने वाली भीड़ को देखते हुए नागरिकों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है.
सौरा नदी को गंगाजल मानते हैं श्रद्धालु
पूर्णिया सिटी के सौरा काली घाट और जगन्नाथ घाट का धार्मिक महत्व काफी पुराना है. सावन के महीने में यहां हर सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं.
स्थानीय मान्यता के अनुसार, सौरा नदी के जल को गंगाजल के समान पवित्र माना जाता है. यही कारण है कि आसपास के गांवों से कांवरिए यहां जल भरकर अपने गांवों के शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए ले जाते हैं. बड़ी संख्या में लोग पहले नदी स्नान करते हैं और फिर घाट के समीप स्थित शिवालय में पूजा-अर्चना करते हैं.
बैरीकेडिंग है, लेकिन घाट सुरक्षित नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि घाट पर बैरीकेडिंग जरूर की गई है, लेकिन इससे सुरक्षा की पूरी गारंटी नहीं मिलती.
कई स्थानों पर सीढ़ियों के आसपास गंदगी जमा है. पुल के नीचे से बहकर आने वाला बाहरी गंदा पानी नदी में मिल रहा है, जिससे नदी का पानी मैला और प्रदूषित दिखाई दे रहा है. इसके कारण घाट के आसपास दुर्गंध भी फैल रही है.
श्रद्धालुओं ने जताई चिंता
रविवार को स्नान करने पहुंचे कई श्रद्धालुओं ने कहा कि यदि जल्द सफाई और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था नहीं की गई, तो पहली सोमवारी पर हजारों लोगों के लिए नदी स्नान कठिन हो जाएगा.
उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर लोग श्रद्धा और विश्वास के साथ डुबकी लगाते हैं, वहां स्वच्छता और सुरक्षा दोनों का अभाव चिंताजनक है.
काली घाट और जगन्नाथ घाट दोनों पर सफाई की कमी
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, काली घाट पर जहां परंपरागत रूप से श्रद्धालु स्नान करते रहे हैं, वहां घाट की स्थिति इस बार संतोषजनक नहीं है.
जगन्नाथ घाट पर भी पर्याप्त सफाई नहीं की गई है. पुल के दोनों ओर नदी किनारे कचरा और गंदगी दिखाई दे रही है, जिससे श्रद्धालुओं में असहजता बढ़ रही है.
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
नागरिकों ने जिला प्रशासन से सौरा नदी घाट की विशेष सफाई, प्रदूषित जल निकासी पर रोक, घाटों की मरम्मत, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की है.
लोगों का कहना है कि सावन के प्रत्येक सोमवार को यहां हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं, इसलिए यह केवल स्थानीय सुविधा का नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और सार्वजनिक सुरक्षा का भी प्रश्न है.
Purnia News:पहली सोमवारी पर बढ़ेगी भीड़
स्थानीय लोगों के अनुसार, पहली सोमवारी को मध्यरात्रि से ही पूर्णिया सिटी में शिवभक्तों का जमावड़ा शुरू हो जाएगा. ऐसे में यदि समय रहते सफाई और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि सौरा नदी घाट को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित बनाकर श्रद्धालुओं की आस्था और सुरक्षा दोनों की रक्षा की जाए.
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