पूर्णिया से अखिलेश चन्द्रा की रिपोर्ट
Purnia Weather: सीमांचल के केंद्र पूर्णिया में इन दिनों मौसम के मिजाज में अभूतपूर्व उतार-चढ़ाव (उलटफेर) देखने को मिल रहा है. कभी अचानक आसमान में काले बादल छाने और झमाझम बारिश होने से लोगों को तपन से थोड़ी राहत मिलती है, तो अगले ही पल तीखी धूप और उमस भरी गर्मी लोगों को बेहाल कर देती है. मौसम पूर्वानुमान इंडेक्स (Weather Forecast Index) के ताजा अपडेट के अनुसार, मंगलवार को पूर्णिया वासियों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा. हालांकि सुबह की हवा में हल्की ठंडक महसूस की गई, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही सूरज के कड़े तेवर लोगों को पसीने से तर-बतर करेंगे. इस लिहाज से स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मौसम वैज्ञानिकों ने आम लोगों को दोपहर के समय पूरी सावधानी के साथ ही घरों से बाहर निकलने की कड़क सलाह दी है.
अगले 3 दिनों का येलो अलर्ट: 2 से 3 डिग्री तक बढ़ेगा अधिकतम तापमान
- आसमान रहेगा साफ: मंगलवार को पूर्णिया और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा. हालांकि, बीच-बीच में आंशिक रूप से बादल (Partial Clouds) जरूर आ सकते हैं, लेकिन वे धूप की तपिश को रोकने में नाकाम साबित होंगे.
- पारे में क्रमिक उछाल: मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवाओं के रुख में बदलाव के कारण अगले 3 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि (Gradual Rise) होने की प्रबल संभावना है. इससे आने वाले दिनों में हीट वेव (लू) जैसी स्थिति दोबारा बन सकती है.
अघोषित बिजली कटौती और ट्रिपिंग ने बढ़ाई जनता की परेशानी
दोहरी मार झेल रहे जिलावासी: एक तरफ जहां आसमान से बरसती आग और चिलचिलाती धूप ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है, वहीं दूसरी तरफ बिजली विभाग की लचर व्यवस्था ने इस परेशानी को दोगुना कर दिया है. शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में इन दिनों अघोषित बिजली कटौती (Power Cut) और बार-बार होने वाली ट्रिपिंग (Low Voltage) की समस्या विकराल हो गई है. दोपहर और रात के समय घंटों बिजली गायब रहने के कारण बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को इस भीषण उमस में भारी कष्ट झेलना पड़ रहा है.
डॉक्टरों की जरूरी स्वास्थ्य सलाह:
राजकीय मेडिकल कॉलेज (GMCH) के चिकित्सकों ने लू और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) से बचने के लिए आम नागरिकों से विशेष अपील की है:
- धूप में निकलने से पहले अपने सिर और चेहरे को सूती कपड़े या गमछे से अच्छी तरह ढकें और आंखों पर सनग्लासेस (चश्मा) जरूर लगाएं.
- खाली पेट घर से बाहर कतई न निकलें. शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बनाए रखने के लिए दिनभर में नियमित अंतराल पर पर्याप्त पानी, ओआरएस (ORS) का घोल, लस्सी या नींबू पानी पीते रहें.
- बच्चों और बुजुर्गों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधे धूप के संपर्क में आने से बचाएं.
