पूर्णिया विवि में स्नातक नामांकन के अजीब रुझान, कॉमर्स में केवल 170 आवेदन, मैथ-फिजिक्स में भी छात्रों का टोटा
Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 09 Jun 2026 11:09 AM
पूर्णिया विश्वविद्यालय
Purnia University UG Admission: पूर्णिया विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2026-30 स्नातक (UG) प्रथम सेमेस्टर के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. कुल 53,854 आवेदनों के बीच सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि वाणिज्य (कॉमर्स) और विज्ञान के कोर विषयों (गणित, भौतिकी) से छात्रों का पूरी तरह मोहभंग हो रहा है, जबकि इतिहास और राजनीति विज्ञान जैसे विषयों में मारामारी है.
Purnia University UG Admission: सीमांचल के उच्च शिक्षा के सबसे बड़े केंद्र पूर्णिया विश्वविद्यालय में स्नातक (चार वर्षीय यूजी कोर्स) सत्र 2026-30 के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है. लेकिन इस बार के जो आंकड़े सामने आए हैं, वे शिक्षाविदों और विश्वविद्यालय प्रशासन को गहरी चिंता में डालने वाले हैं. हैरानी की बात यह है कि जहां विश्वविद्यालय के कुलपति (VC) प्रो. विवेकानंद सिंह स्वयं एक प्रतिष्ठित साइंस बैकग्राउंड से आते हैं, वहीं उनके कार्यकाल में विज्ञान के कोर विषयों और कॉमर्स स्ट्रीम में दाखिला लेने के लिए छात्रों का टोटा (अकाल) पड़ गया है. पूरे प्रमंडल के कॉमर्स कॉलेजों में जहां हजारों सीटें खाली रहने की नौबत है, वहीं महज चार विषयों में ही कुल आवेदनों के आधे से अधिक छात्रों ने दावेदारी ठोंक दी है.
केवल 4 विषयों में 32 हजार से अधिक दावेदार; इतिहास बना पहली पसंद
विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सीमांचल के चारों जिलों (पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज) के कुल 63 अंगीभूत (Constituent) एवं संबद्ध (Affiliated) डिग्री कॉलेजों में 60 हजार से अधिक सीटें उपलब्ध हैं. इन सीटों के सापेक्ष कुल 53,854 आवेदन प्राप्त हुए हैं. यानी सीटों की तुलना में करीब 6 हजार से अधिक आवेदन कम आए हैं.
इसके अतिरिक्त, कुल आवेदनों में से 32,689 अभ्यर्थी केवल चार विषयों (इतिहास, राजनीति विज्ञान, हिंदी और भूगोल) में ही समाहित हैं, जो छात्रों के बीच पारंपरिक आर्ट्स विषयों के प्रति बढ़ते क्रेज को दर्शाता है.
विषयवार आवेदनों का पूरा गणित: जानें किस सब्जेक्ट में कितनी है दावेदारी?
वाणिज्य और विज्ञान की खस्ता हालत: पूर्णिया विश्वविद्यालय के मीडिया पदाधिकारी प्रो. संतोष कुमार सिंह ने आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि 7 जून को आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त होने तक आए 53,854 आवेदनों का विषयवार वर्गीकरण (Subject-wise Data) कर दिया गया है.
विभिन्न विषयों में छात्रों की रुचि और आवेदनों की संख्या को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से स्पष्ट रूप से समझा जा सकता है:
| क्र.सं. | स्नातक विषय (UG Honours Subject) | प्राप्त कुल आवेदनों की संख्या | मांग की स्थिति / रुझान |
| 1. | इतिहास (History) | 11,576 | टॉपर विषय (सबसे अधिक मांग) |
| 2. | राजनीति विज्ञान (Political Science) | 7,685 | अत्यधिक लोकप्रिय |
| 3. | हिंदी (Hindi) | 7,366 | भाषा विषयों में अव्वल |
| 4. | भूगोल (Geography) | 6,062 | आर्ट्स का पसंदीदा विषय |
| 5. | उर्दू (Urdu) | 3,803 | मजबूत उपस्थिति |
| 6. | गृह विज्ञान (Home Science) | 3,585 | छात्राओं की पहली पसंद |
| 7. | जंतु विज्ञान (Zoology) | 3,431 | साइंस स्ट्रीम में सबसे बेस्ट |
| 8. | मनोविज्ञान (Psychology) | 1,929 | सामान्य मांग |
| 9. | रसायनशास्त्र (Chemistry) | 1,190 | औसत आवेदन |
| 10. | अंग्रेजी (English) | 1,057 | सामान्य मांग |
| 11. | अर्थशास्त्र (Economics) | 999 | औसत |
| 12. | संगीत (Music) | 915 | कला क्षेत्र में रुचि |
| 13. | समाजशास्त्र (Sociology) | 839 | कम रुचि |
| 14. | वनस्पति विज्ञान (Botany) | 814 | विज्ञान में पिछड़ता विषय |
| 15. | दर्शनशास्त्र (Philosophy) | 684 | बेहद कम आवेदन |
| 16. | भौतिकी (Physics) | 669 | चिंताजनक (सीटों से भी कम) |
| 17. | गणित (Mathematics) | 573 | बेहद खराब स्थिति |
| 18. | संस्कृत (Sanskrit) | 198 | नाममात्र के छात्र |
| 19. | वाणिज्य (Commerce/B.Com) | 170 | सबसे बड़ा झटका (महा-टोटा) |
| 20. | अन्य विषय (Other Subjects) | 1,193 | – |
| – | कुल योग (Total Applications) | 53,854 | कुल उपलब्ध सीटें: 60,000+ |
करियर काउंसलिंग की कमी आ रही सामने:
शिक्षाविदों का मानना है कि कॉमर्स (वाणिज्य) में पूरे प्रमंडल से महज 170 आवेदन आना और गणित-भौतिकी जैसे महत्वपूर्ण विषयों में 600 के आसपास सिमट जाना यह साबित करता है कि सीमांचल के ग्रामीण इलाकों के छात्रों में आधुनिक और रोजगारपरक विषयों को लेकर उचित गाइडेंस (करियर काउंसलिंग) का घोर अभाव है.
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, 7 जून की समय सीमा खत्म होने के बाद अब डेटा का स्क्रूटनी (जांच) कार्य शुरू कर दिया गया है. इसके तुरंत बाद मेधा सूची (First Merit List) जारी की जाएगी. हालांकि, कम आवेदनों को देखते हुए यह साफ है कि साइंस और कॉमर्स की अधिकांश सीटें इस बार भी खाली रह जाएंगी, जबकि इतिहास और राजनीति विज्ञान में कड़े कशमकश के बीच दाखिला होगा. विश्वविद्यालय के मीडिया विंग ने छात्रों को सलाह दी है कि वे कट-ऑफ और नामांकन की अगली तिथियों के लिए लगातार विवि की आधिकारिक वेबसाइट का अवलोकन करते रहें.
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दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।
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