जीविका केंद्र की पहल से फिर एक हुए दंपती, साथ निभाने का लिया संकल्प

Author : AMIT KUMAR SINH Published by : Pratyush Prashant Updated At : 15 May 2026 1:23 PM

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जीविका दीदी अधिकार केंद्र लगातार सामाजिक समरसता कायम करने और टूटते रिश्तों को बचाने का कार्य कर रहा है. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे पारिवारिक विवादों को कानूनी लड़ाई बनने से पहले बातचीत और आपसी सहमति के माध्यम से सुलझाने में केंद्र की भूमिका सराहनीय मानी जा रही है.

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Purnia News : पूर्णिया के धमदाहा से आशीष सिंह की रिपोर्ट. पूर्णिया पूर्णिया जिले के धमदाहा प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित जीविका दीदी अधिकार केंद्र एक बार फिर टूटते परिवार को जोड़ने में सफल रहा है. पति-पत्नी के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद को केंद्र की पहल और काउंसिलिंग के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया गया.
लंबे समय से अलगाव की स्थिति में चल रहे दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से साथ रहने और भविष्य में विवाद नहीं करने का लिखित आश्वासन दिया. इस पहल की स्थानीय लोग भी सराहना कर रहे हैं.

शादी के कुछ महीने बाद बढ़ा था विवाद

जानकारी के अनुसार काजल कुमारी और कृष्ण कुमार की शादी 15 अगस्त 2024 को हिंदू रीति-रिवाज के साथ हुई थी. शुरुआत में सबकुछ सामान्य रहा, लेकिन कुछ समय बाद दोनों के बीच पारिवारिक विवाद शुरू हो गया. मामला धीरे-धीरे बढ़ता गया और आखिरकार जीविका दीदी अधिकार केंद्र तक पहुंच गया.

केंद्र में दोनों पक्षों को बुलाकर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया. पंचायत प्रतिनिधियों, कर्मियों और गवाहों की मौजूदगी में काफी देर तक बातचीत और काउंसिलिंग का दौर चला.

समझौते के बाद साथ रहने को हुए तैयार

काउंसिलिंग के दौरान दोनों पक्षों को आपसी संवाद और परिवार की अहमियत समझाई गई. इसके बाद पति-पत्नी अपने मतभेद भुलाकर दोबारा साथ रहने को तैयार हो गए.

समझौते के दौरान पत्नी पक्ष ने परिवार के साथ सामंजस्य बनाकर रहने और सास-ससुर की सेवा करने का भरोसा दिया. वहीं पति ने भी पत्नी के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने का वचन दिया.

दोनों पक्षों के बीच लिखित एकरारनामा तैयार कराया गया, जिस पर संबंधित लोगों के हस्ताक्षर भी कराए गए.

ग्रामीण इलाकों में बढ़ रही केंद्र की भूमिका

इस मौके पर जीविका दीदी अधिकार केंद्र की डाक कोऑर्डिनेटर कुमारी नंदन, जेंडर सीआरपी अंजलि कुमारी और खुशबू कुमारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे.

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केंद्र लगातार सामाजिक समरसता बनाए रखने और टूटते रिश्तों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे विवादों को कानूनी लड़ाई बनने से पहले बातचीत के जरिए सुलझाया जा रहा है.

संवाद से निकल रहा समाधान

बताया जाता है कि केंद्र में घरेलू विवाद, पारिवारिक कलह और महिलाओं से जुड़े मामलों में पहले दोनों पक्षों को बुलाकर उनकी समस्याएं सुनी जाती हैं. इसके बाद आपसी समझ और संवाद के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जाती है.

इसी वजह से अब बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जीविका दीदी अधिकार केंद्र पहुंच रहे हैं.

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