बिहार लोकल बॉडीज एम्प्लाइज फेडरेशन और बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर पूर्णिया जिला नगर निकाय कर्मचारी संघ ने अपनी तीन सूत्री मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है. हड़ताल के पहले ही दिन नगर निगम का कामकाज और शहर की साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है.
झाड़ू लेकर मुख्य द्वार पर बैठे कर्मचारी, जमकर की नारेबाजी
हड़ताल के पहले दिन बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी अपने हाथों में झाड़ू लेकर नगर निगम कार्यालय के मुख्य द्वार पर एकत्र हुए और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए. कर्मचारियों ने सफाई कार्यालय में ताला जड़ दिया और निगम प्रशासन व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
संघ के मंत्री बैद्यनाथ सिंह और अन्य कर्मचारी नेताओं ने कहा कि वे अपनी जायज मांगों को लेकर लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से केवल खोखले आश्वासन ही मिले हैं.
कर्मचारियों की 3 मुख्य मांगें:
- सेवा स्थायीकरण: संविदा व दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवा नियमित की जाए.
- आउटसोर्सिंग का अंत: सफाई व्यवस्था में आउटसोर्सिंग प्रथा को तुरंत समाप्त किया जाए.
- मानदेय में वृद्धि: मानदेय (वेतन) में अविलंब सम्मानजनक बढ़ोतरी की जाए और बकाया भुगतान हो.
संघ के प्रतिनिधियों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस लिखित समझौता नहीं होता, तब तक यह अनिश्चितकालीन हड़ताल और प्रदर्शन जारी रहेगा.
शहर में कचरे का अंबार लगने की आशंका, नागरिक सेवाएं प्रभावित
करीब 500 से अधिक कर्मियों के एक साथ काम बंद करने से शहर के सभी वार्डों में:
- डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन पूरी तरह बंद हो गया है.
- मुख्य सड़कों, गलियों और नालियों की सफाई ठप पड़ गई है.
- निगम कार्यालय में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, नागरिक सुविधाओं और विकास योजनाओं से जुड़े काम ठप हो गए हैं.
यदि यह हड़ताल लंबी खींचती है, तो आने वाले दिनों में पूर्णिया शहर के विभिन्न इलाकों में कचरे का अंबार लग जाएगा, जिससे आम जनता को भारी फजीहत और बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है.
