आंध्र प्रदेश में रोजगार के सिलसिले में गए पूर्णिया जिले के सात मजदूरों की दर्दनाक मौत पर पूर्व सांसद उदय सिंह (पप्पू सिंह) ने गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए मामले की सच्चाई सामने लाने और पीड़ित परिवारों को तत्काल न्याय व आर्थिक सहायता दिलाने की पुरजोर मांग की है.
आंध्र प्रदेश सरकार से निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच की मांग
पूर्व सांसद उदय सिंह ने आंध्र प्रदेश सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने का आग्रह किया है. उन्होंने सवाल उठाया कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि आखिर मजदूरों की जान किस जहरीली गैस, रसायन या किस स्तर की प्रशासनिक/प्रबंधकीय लापरवाही के कारण गई.
उन्होंने मांग की है कि:
- फैक्टरी प्रबंधन, स्थानीय ठेकेदार और संबंधित जिम्मेदार पक्षों की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो.
- दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए.
- हादसे में घायल अन्य श्रमिकों को बिना किसी देरी के बेहतर और मुफ्त इलाज की सुविधा मुहैया कराई जाए.
बिहार सरकार और पूर्णिया प्रशासन से समन्वय की अपील
श्री सिंह ने बिहार सरकार और स्थानीय जिला प्रशासन से भी त्वरित कार्रवाई करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार को आंध्र प्रदेश प्रशासन के साथ तत्काल समन्वय स्थापित करना चाहिए ताकि वहां काम कर रहे बिहार के सभी प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
इसके अलावा, उन्होंने पूर्णिया जिला प्रशासन से मांग की कि:
- मृतकों के शोकाकुल परिजनों से तुरंत संपर्क साधा जाए.
- सरकारी प्रावधानों के तहत निर्धारित आर्थिक मुआवजा अविलंब दिया जाए.
- अन्य सभी सरकारी राहत योजनाओं का लाभ बिना किसी लालफीताशाही के पीड़ित परिवारों तक पहुंचाया जाए.
"मजदूरों की सुरक्षा सरकारों की प्राथमिक जिम्मेदारी"
उदय सिंह ने कहा कि रोजी-रोटी की तलाश में अपने घर-परिवार से दूर दूसरे राज्यों में जाने वाले गरीब श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकारों का प्राथमिक कर्तव्य है. किसी भी अनहोनी की स्थिति में पीड़ित परिवारों को समय पर न्याय, सम्मान और हरसंभव सहायता मिलनी ही चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों राज्यों की सरकारें इस संवेदनशील मामले में त्वरित संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई करेंगी.
