पूर्णिया एयरपोर्ट

पूर्णिया एयरपोर्ट के एक साल पूरे! 2.90 लाख यात्रियों ने भरी उड़ान, अब मुंबई-बेंगलुरु की तैयारी

पूर्णिया एयरपोर्ट ने उड़ान के एक साल में 2.90 लाख यात्रियों को सेवा दी है. अब मुंबई और बेंगलुरु के लिए सीधी उड़ानों की मांग उठाई जा रही है. एयरपोर्ट विस्तार और यात्री सुविधाओं में भी सुधार की तैयारी है.

पूर्णिया. एक साल पहले पूर्णिया ने आसमान की ओर पहला कदम बढ़ाया था. एक साल बाद आंकड़े बता रहे हैं कि यह कदम सिर्फ उड़ान की शुरुआत नहीं, बल्कि सीमांचल की विकास यात्रा में एक नये अध्याय की शुरुआत थी. वर्षों के इंतजार के बाद 15 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्णिया एयरपोर्ट के नवनिर्मित सिविल एन्क्लेव का उद्घाटन कर पहली व्यावसायिक उड़ान को हरी झंडी दिखाई थी. इसके साथ ही पूर्णिया और पूरा सीमांचल देश के हवाई नक्शे पर दर्ज हो गया.

11 महीने में 2.90 लाख यात्रियों ने किया सफर

शुरुआत में सीमित उड़ानों के साथ शुरू हुआ पूर्णिया एयरपोर्ट महज कुछ महीनों में यात्रियों की पसंद बन गया. 15 अगस्त 2026 तक करीब 2.90 लाख यात्री पूर्णिया एयरपोर्ट से सफर कर चुके थे. यानी संचालन शुरू होने के 11 महीने के भीतर ही यात्री संख्या तीन लाख के करीब पहुंच गयी.

वर्तमान में प्रतिदिन औसतन एक हजार से अधिक यात्रियों का आवागमन हो रहा है और करीब 10 विमानों की आवाजाही दर्ज की जा रही है. बढ़ते यात्री आंकड़े इस बात का संकेत हैं कि पूर्णिया और सीमांचल में हवाई सेवा की जरूरत काफी पहले से मौजूद थी.

अहमदाबाद-कोलकाता से शुरू हुआ सफर दिल्ली-हैदराबाद तक पहुंचा

15 सितंबर 2025 को पहली व्यावसायिक उड़ान शुरू होने के समय पूर्णिया से अहमदाबाद और कोलकाता की हवाई कनेक्टिविटी बनी थी. इसके बाद यात्रियों की मांग बढ़ने के साथ हवाई संपर्क का दायरा भी लगातार बढ़ता गया. दिल्ली और हैदराबाद जैसे बड़े शहर भी सीधे हवाई संपर्क से जुड़ गये. वर्तमान में पूर्णिया से अहमदाबाद, कोलकाता, दिल्ली और हैदराबाद के लिए नियमित उड़ानें संचालित हो रही हैं. मई 2026 में एयरपोर्ट पर एक दिन में 1137 यात्रियों का आवागमन दर्ज किया गया था. पांच विमानों के आगमन और पांच के प्रस्थान के साथ रोजाना 10 विमानों का परिचालन बढ़ती मांग को दर्शाता है.

सिर्फ एयरपोर्ट नहीं, बदल रही पूरे सीमांचल की रफ्तार

पूर्णिया एयरपोर्ट का एक साल का सफर केवल विमानों और यात्रियों के आंकड़ों तक सीमित नहीं है. हवाई संपर्क शुरू होने के साथ सीमांचल के लोगों के लिए देश के बड़े शहरों तक पहुंचने का समय कम हुआ है. व्यापारियों, छात्रों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और बाहर रहने वाले प्रवासी परिवारों के लिए आवागमन का नया विकल्प तैयार हुआ है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सीमित उड़ानों से शुरू हुआ एयरपोर्ट अब लगातार बढ़ते यात्री दबाव का सामना कर रहा है. रोजाना करीब एक हजार यात्रियों का आवागमन सामान्य होता जा रहा है. यह आंकड़ा पूर्णिया और सीमांचल में हवाई सेवा की आवश्यकता और संभावनाओं दोनों को सामने रखता है.

अब अगली जरूरत मुंबई और बेंगलुरु की सीधी उड़ान

एक साल पूरा होने के साथ पूर्णिया एयरपोर्ट की अगली बड़ी जरूरत महानगरों से सीधी कनेक्टिविटी की है. पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से मुलाकात कर मुंबई और बेंगलुरु के लिए सीधी उड़ान शुरू करने की मांग उठायी है. मंत्री की ओर से इन दोनों मार्गों पर अक्टूबर तक सेवा शुरू होने की संभावना जतायी गयी है.

यदि मुंबई और बेंगलुरु की सीधी उड़ान शुरू होती है तो सीमांचल, कोसी और आसपास के जिलों के यात्रियों की पटना या अन्य एयरपोर्ट पर निर्भरता कम होगी. व्यापार, शिक्षा, रोजगार, चिकित्सा और पर्यटन के लिहाज से भी इसका क्षेत्र पर सीधा असर पड़ने की उम्मीद है.

यात्रियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुविधा बढ़ाने की दिशा में भी काम चल रहा है. कैब सेवा के लिए टेंडर प्रदान किया जा चुका है. एटीएम तथा सिटी-साइड फूड एंड बेवरेज आउटलेट के लिए निविदा प्रक्रिया भी चल रही है. इन सुविधाओं के शुरू होने से यात्रियों को एयरपोर्ट परिसर में बेहतर सेवाएं मिलने की उम्मीद है.

फोटो- बीते 15 सितंबर 2025 को पूर्णिया एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद लेआउट देखते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो) | Prabhat Khabar Network

बढ़ते यात्री दबाव के बीच विस्तार की तैयारी

यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एयरपोर्ट के विस्तार की तैयारी भी शुरू हो चुकी है. नये एप्रन के पहले चरण में पांच अतिरिक्त विमान पार्किंग स्टैंड और दूसरे चरण में सात और पार्किंग स्टैंड विकसित करने की योजना है. परियोजना को 31 अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके अलावा करीब 20,250 वर्गमीटर क्षेत्र में नया टर्मिनल भवन प्रस्तावित है. कार पार्किंग की क्षमता बढ़ाने के साथ टैक्सीवे और अन्य आधारभूत सुविधाओं को भी मजबूत करने की योजना है. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को बताया है कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की ओर से स्थायी टर्मिनल भवन और संबद्ध आधारभूत संरचना के लिए लगभग 294.05 करोड़ रुपये की ईपीसी निविदा जारी की गयी है. प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है.

महंगा किराया अब भी बड़ी चिंता

पूर्णिया एयरपोर्ट के एक साल पूरे होने पर हवाई सेवा की उपलब्धियां उत्साहित करने वाली हैं, लेकिन यात्री किराया अब भी बड़ी चिंता बना हुआ है. पूर्णिया से दिल्ली, कोलकाता, हैदराबाद और अहमदाबाद की उड़ानों का किराया कई बार बागडोगरा एयरपोर्ट से समान रूट की उड़ानों की तुलना में अधिक पड़ता है. बागडोगरा से बड़ी संख्या में विमान और अधिक एयरलाइंस संचालित होने के कारण यात्रियों को किराये में प्रतिस्पर्धा का लाभ मिलता है. वहीं पूर्णिया में विकल्प सीमित होने से किराये पर दबाव बना रहता है. यात्रियों का कहना है कि उड़ानों की संख्या बढ़ने और किराये में प्रतिस्पर्धा आने के बाद ही एयरपोर्ट का लाभ आम लोगों तक पूरी तरह पहुंच सकेगा.

दूसरे साल में बड़ी उड़ानों और कनेक्टिविटी पर नजर

बहरहाल, पिछले एक साल में सीमांचल का वर्षों पुराना सपना आसमान तक पहुंच गया है. करीब 2.90 लाख यात्रियों की आवाजाही और लगातार बढ़ती उड़ानों ने पूर्णिया एयरपोर्ट की उपयोगिता साबित की है. अब दूसरे साल में नजर नयी उड़ानों, बढ़ती यात्री संख्या, बेहतर सुविधाओं और महानगरों से सीधी कनेक्टिविटी पर है. मुंबई और बेंगलुरु के साथ यदि नयी सेवाएं शुरू होती हैं और प्रस्तावित टर्मिनल व एप्रन विस्तार समय पर पूरा होता है तो पूर्णिया एयरपोर्ट सीमांचल की अर्थव्यवस्था और आवागमन को और गति दे सकता है.

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लेखक के बारे में

By अरुण कुमार

अरुण कुमार प्रिंट माध्यम में 32 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक हिन्दुस्तान से की. अभी प्रभात खबर के पूर्णिया कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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