विद्यार्थियों की समस्याओं का अब होगा तय समय में समाधान, पूर्णिया विवि में विद्यार्थी सहयोग शिविर शुरू

पूर्णिया विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों के लिए 'विद्यार्थी सहयोग शिविर' की शुरुआत की है. इस पहल के तहत, हर माह के चतुर्थ मंगलवार को विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनकर उनका 30 दिनों के भीतर समाधान किया जाएगा. यह कदम छात्र-हितैषी पहल है जो विश्वविद्यालय और विद्यार्थियों के बीच संवाद को बेहतर बनाएगा.

पूर्णिया. बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सात निश्चय-3 के तहत "सबका सम्मान, जीवन आसान" के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पूर्णिया विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों के लिए नई पहल शुरू की है. विश्वविद्यालय में अब प्रत्येक माह के चतुर्थ मंगलवार को विद्यार्थी सहयोग शिविर आयोजित किया जाएगा. इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं और आवेदनों को सुनकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है. इस महीने से शुरू हुए शिविर में पहले ही दिन पीएचडी से जुड़े मामले पर कार्रवाई की गई.

सीनेट हॉल में लगा पहला शिविर, नोडल पदाधिकारी रहे मौजूद

कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह के मार्गदर्शन में पूर्णिया विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में विद्यार्थी सहयोग शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में दोनों नोडल पदाधिकारी प्रो. इश्तियाक अहमद और डॉ. श्वेता कुमारी मौजूद रहीं.

विद्यार्थी सहयोग शिविर की शुरुआत के साथ ही विद्यार्थियों से संबंधित मामलों की सुनवाई और उनके आवेदनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सूचीबद्ध करने का काम किया गया. विश्वविद्यालय प्रशासन की इस पहल से विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों का चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है.

पीएचडी से जुड़े मामले के साथ हुई शिविर की शुरुआत

शिविर के पहले दिन छात्रा जैनब अमीना पीएचडी, फीजिक्स से संबंधित मामले को लेकर पहुंचीं. नोडल पदाधिकारी ने छात्रा के आवेदन का अवलोकन किया और निर्देशानुसार मामले को सूचीबद्ध किया. शिविर में विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित मामलों को प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया. विश्वविद्यालय प्रशासन का प्रयास है कि विद्यार्थियों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए एक व्यवस्थित मंच उपलब्ध कराया जा सके.

अधिकतम 30 दिनों में आवेदनों के निस्तारण का लक्ष्य

विद्यार्थी सहयोग शिविर के नोडल पदाधिकारी प्रो. इश्तियाक अहमद ने बताया कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का निस्तारण निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अधिकतम 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाना है. उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों से प्राप्त आवेदनों को संबंधित प्रक्रिया के तहत सूचीबद्ध किया जाएगा और उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. इससे विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

हर महीने चतुर्थ मंगलवार को मिलेगा विद्यार्थियों को मंच

पूर्णिया विश्वविद्यालय की इस नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक माह के चतुर्थ मंगलवार को विद्यार्थी सहयोग शिविर आयोजित किया जाएगा. विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक और विश्वविद्यालय से संबंधित समस्याओं को लेकर इस शिविर में आवेदन दे सकेंगे. शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों की समस्याओं को एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत दर्ज कर उनका समाधान करने का प्रयास किया जाएगा. इससे विश्वविद्यालय और विद्यार्थियों के बीच संवाद का एक व्यवस्थित माध्यम भी तैयार होगा.

समयबद्ध समाधान से विद्यार्थियों को राहत की उम्मीद

विद्यार्थी सहयोग शिविर की शुरुआत को विश्वविद्यालय प्रशासन की छात्र हितैषी पहल के रूप में देखा जा रहा है. खासकर उन विद्यार्थियों के लिए यह व्यवस्था उपयोगी साबित हो सकती है, जिन्हें अपने मामलों के समाधान के लिए लंबे समय तक विभिन्न कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ता है. अब आवेदनों को सूचीबद्ध करने और अधिकतम 30 दिनों के भीतर निस्तारण की व्यवस्था से विद्यार्थियों को समयबद्ध समाधान की उम्मीद जगी है. आने वाले दिनों में शिविर में कितने आवेदन पहुंचते हैं और उनका कितनी तेजी से समाधान होता है, यह इस पहल की सफलता का महत्वपूर्ण आधार होगा.


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लेखक के बारे में

By अभिषेक भास्कर

अभिषेक भास्कर प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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