पूर्णिया अभियंत्रण महाविद्यालय (Purnea College of Engineering) परिसर में 80वां स्वतंत्रता दिवस अत्यंत भव्य, गरिमामय और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में मनाया गया. समारोह का विधिवत शुभारंभ ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के साथ हुआ. इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकों, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं के साथ 47 बिहार बटालियन एनसीसी के कैडेट्स ने बढ़-चढ़कर भाग लिया.
महिला कैडेट्स ने संभाली पायलट कमांड और सलामी
कार्यक्रम की सबसे विशिष्ट और प्रेरक बात यह रही कि पायलट कमांड तथा सलामी की मुख्य जिम्मेदारी महिला कैडेट्स ने संभाली.
महिला कैडेट्स ने पूरे आत्मविश्वास, कड़े अनुशासन और अदम्य उत्साह के साथ अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया.
इस प्रस्तुति ने यह सशक्त संदेश दिया कि नारी केवल सम्मान की पात्र नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में नेतृत्व और बड़ी जिम्मेदारियां निभाने में पूरी तरह सक्षम है.
आसमान में तिरंगे के साथ ड्रोन की उड़ान ने मोहा मन
समारोह का मुख्य आकर्षण तिरंगे के साथ ड्रोन की विशेष उड़ान रही.
नीले गगन में राष्ट्रीय ध्वज को लहराते हुए ड्रोन की उड़ान ने पूरे महाविद्यालय परिसर को देशभक्ति और राष्ट्रीय स्वाभिमान के रोमांच से भर दिया. उपस्थित छात्र-छात्राओं और अतिथियों ने करतल ध्वनि से इस तकनीकी व देशभक्ति प्रस्तुति का स्वागत किया.
'युवा ज्ञान और कौशल से करें राष्ट्र निर्माण': प्राचार्य प्रो. मनोज कुमार
समारोह को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार ने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया.
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल हमारा अधिकार नहीं, बल्कि अपने साथ एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी लाती है. आज के युवा ही देश का भविष्य हैं और उन्हें अपने ज्ञान, तकनीकी कौशल, अनुशासन और नैतिक चरित्र के बल पर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए.
प्राचार्य ने 47 बिहार बटालियन एनसीसी कैडेट्स के अनुशासित मार्च पास्ट और विशेष रूप से महिला कैडेट्स के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि एनसीसी युवाओं में राष्ट्रप्रेम, आत्मविश्वास और कर्तव्यबोध की भावना को मजबूत करता है.
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां, एकता का लिया संकल्प
स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, ओजस्वी भाषण, समूह नृत्य और नाटक प्रस्तुत किए.
विद्यार्थियों की इन रंगारंग प्रस्तुतियों में स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों के त्याग और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका की सुंदर झलक देखने को मिली.
समारोह के समापन पर सभी प्राध्यापकों, कर्मियों और विद्यार्थियों ने देश की एकता, अखंडता, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और प्रगति में निरंतर योगदान देने का सामूहिक संकल्प लिया.
