जीविका के महिला संवाद मंच पर गांव के सर्वांगीण विकास की आकांक्षाएं

महिला संवाद कार्यक्रम से छठे दिन मंगलवार को जिले के 14 प्रखंडों में कुल 42 जीविका महिला ग्राम संगठनों में महिला संवाद का आयोजन किया गया.

पूर्णिया. महिला संवाद कार्यक्रम से छठे दिन मंगलवार को जिले के 14 प्रखंडों में कुल 42 जीविका महिला ग्राम संगठनों में महिला संवाद का आयोजन किया गया. इस आयोजन में महिलाएं बढ़-चढ़कर भाग ले रही हैं. खुले संवाद कार्यक्रम में अपनी मन की आकांक्षाओं को सरकार से साझा कर रही हैं. इन आकांक्षाओं पर एक नजर डाला जाय तो गांव में जल निकासी की समस्या सबसे पहले स्थान पर है. कुल 46 महिलाओं ने अपने गांव-मुहल्लों में जल निकासी की सुविधा बहाल करने की मांग की है. 39 दीदियों ने सरकार से अपने गांव की सड़क को बेहतर बनाने की आकांक्षा व्यक्त की है. 18 महिलाएं स्मार्ट मीटर में बिजली बिल अपेक्षाकृत अधिक आने की बात रखी हैं. 16 महिलाएं अपने पंचायत में खेल का मैदान चाहती हैं. ग्रामीण परिवेश में सिलाई-कढ़ाई अभी भी आमदनी का एक अच्छा माध्यम रहा है. 13 दीदियों ने अपने गांव में सिलाई केंद्र स्थापित करने की मांग रखी हैं जहां वो सिलाई सीख कर इसे अपनी आजीविका का साधन बना सकें. 12 महिलाओं ने अपने पंचायत में सामुदायिक भवन न होने की बात कही है. मालूम हो कि जीविका ग्राम संगठन के द्वारा जिले भर में 18 अप्रैल से महिला संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. अभी तक 213 ग्राम संगठनों में महिला संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जा चुका है. आज सुबह 9 बजे से 11 बजे के सत्र में बनमनखी के प्रतिभा ग्राम संगठन, धमदाहा के कृष्णा ग्राम संगठन, श्रीनगर के आस्था ग्राम संगठन, बायसी के वर्षा ग्राम संगठन, पूर्णिया पूर्व के कामाख्या ग्राम संगठन, अमौर के किशन ग्राम संगठन, परिश्रम ग्राम संगठन समेत कुल 42 ग्राम संगठनों में आयोजित किया गया. समाज में महिलाओं की समुचित भागीदारी के लिए पिछले 20 वर्षों में सरकार द्वारा उठाये गए महत्वपूर्ण कदमों से महिलाओं को लीफलेट के माध्यम से बताया जा रहा है. एलईडी स्क्रीन युक्त महिला संवाद रथ के माध्यम से सरकार की विभिन्न योजनाओं से संबंधित कुल तीन फिल्में दिखाई जा रही है जो महिला सशक्तीकरण पर आधारित है. बिहार की महिलाओं के नाम मुख्यमंत्री का सन्देश भी बांटा जा रहा है. इसमें महिलाओं के हित में सरकार द्वारा उठाये गए कदमों का जिक्र है. इन कार्यक्रमों में गांव के सभी वर्गों की महिलाओं के साथ सरकार के विभिन्न विभागों से जुड़े वैसे लोग भी अपनी बात रख रहे हैं जो आरक्षण का लाभ पाकर अपने जीवन को सुंदर बनाया है.

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By ARUN KUMAR

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