युवाओं को नशे के दलदल से निकालने के लिए धमदाहा में खुला पहला नशामुक्ति केंद्र, SDM अनुपम ने किया उद्घाटन

De Addiction Center: पूर्णिया जिले के धमदाहा अनुमंडल मुख्यालय में युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए एक बड़ी पहल की गई है. ब्लॉक रोड पर कल्याणी फाउंडेशन के सौजन्य से नवनिर्मित नशामुक्ति सह परामर्श केंद्र का भव्य उद्घाटन किया गया, जहां नशा पीड़ितों का उचित उपचार और काउंसिलिंग की जाएगी.

धमदाहा से आशीष सिंह की रिपोर्ट

De Addiction Center: समाज को नशे के अभिशाप से मुक्त करने और तंबाकू, स्मैक, शराब व अन्य मादक पदार्थों की गिरफ्त में आ चुके युवाओं को नया जीवन देने के उद्देश्य से धमदाहा में एक सराहनीय कदम उठाया गया है. सोमवार को धमदाहा प्रखंड मुख्यालय क्षेत्र के ब्लॉक रोड स्थित नशामुक्ति केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया गया. इस केंद्र का शुभारंभ अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) अनुपम, मुख्य पार्षद रानी देवी, अंचलाधिकारी (CO) कुमार रवीन्द्रनाथ, नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी (EO) दिव्या मिश्रा, थानाध्यक्ष रविशंकर कुमार तथा जदयू नगर अध्यक्ष सूरज सिंह ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया.

कल्याणी फाउंडेशन की पहल, उद्घाटन समारोह में जुटे प्रबुद्ध नागरिक

इस सामाजिक पहल और उद्घाटन समारोह से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से समझी जा सकती हैं:

  • अतिथियों का नागरिक अभिनंदन: उद्घाटन समारोह के दौरान ‘कल्याणी फाउंडेशन’ (Kalyani Foundation) के वरिष्ठ पदाधिकारियों और सदस्यों ने मुख्य अतिथि सहित सभी प्रशासनिक अधिकारियों को पुष्पगुच्छ (बुके) और शॉल भेंट कर सम्मानित किया.
  • सुविधाओं का निरीक्षण: फीता काटने के बाद सभी अतिथियों ने नशामुक्ति केंद्र के भीतर बने वार्डों, डॉक्टरों के केबिन, काउंसिलिंग रूम और दवाओं की उपलब्धता का सघन निरीक्षण किया. अधिकारियों ने फाउंडेशन के संचालकों को निर्देश दिया कि यहाँ आने वाले मरीजों को बिना किसी भेदभाव के बेहतर से बेहतर चिकित्सीय और मनोवैज्ञानिक सेवाएं दी जाएं.

नशा आज समाज की सबसे गंभीर पारिवारिक समस्या: अनुमंडल पदाधिकारी

एसडीएम का संबोधन: समारोह को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए अनुमंडल पदाधिकारी अनुपम ने इस केंद्र की स्थापना को समय की मांग बताया. उन्होंने कहा, “नशा आज केवल एक व्यक्ति की बीमारी नहीं, बल्कि पूरे समाज और हंसते-खेलते परिवारों को बर्बाद करने वाली सबसे गंभीर सामाजिक समस्या बन चुका है. इसका सबसे घातक और सीधा प्रभाव हमारी युवा पीढ़ी (छात्रों और नवयुवकों) पर पड़ रहा है, जो देश का भविष्य हैं.”

एसडीएम ने आगे जोर देते हुए कहा कि लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति केवल डराना नहीं, बल्कि उन्हें जागरूक करना और इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करना बेहद जरूरी है. एक पूर्ण नशामुक्त समाज का निर्माण केवल पुलिस या सरकारी आदेशों के बल पर नहीं हो सकता, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति, अभिभावकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को अपनी सक्रिय भागीदारी निभानी होगी.

परामर्श और थेरेपी के जरिए मुख्यधारा से जुड़ेंगे नशा पीड़ित

उम्मीद की नई किरण:

इस केंद्र के संचालकों ने बताया कि यह नशामुक्ति केंद्र अनुमंडल क्षेत्र के उन सैकड़ों परिवारों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है, जिनके बच्चे भटक चुके हैं. यहाँ अनुभवी डॉक्टरों और मनोचिकित्सकों की देखरेख में मरीजों को केवल दवाइयां ही नहीं दी जाएंगी, बल्कि नियमित परामर्श (काउंसिलिंग), ध्यान-योग और व्यावहारिक मार्गदर्शन के माध्यम से उनके भीतर आत्मविश्वास जगाकर उन्हें एक सामान्य व स्वस्थ जीवन की मुख्यधारा से जोड़ने का मुकम्मल प्रयास किया जाएगा.

इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय वार्ड पार्षद, प्रबुद्ध बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे. ग्रामीणों ने प्रशासन और फाउंडेशन की इस संयुक्त पहल की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर इस केंद्र के खुलने से अब गरीब परिवारों को अपने बच्चों के इलाज के लिए बड़े शहरों के महंगे चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और यह केंद्र नशे के खिलाफ चल रही जंग में एक मील का पत्थर साबित होगा.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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