– जिले में कुल पीडीएस की संख्या 1398 – कुल राशनकार्ड धारक परिवार 7,34,647
पूर्णिया. अब जन वितरण प्रणाली की दुकानों पर राशनकार्ड धारी उपभोक्ताओं के लिए जलावन इंधन के रूप में कोयला भी उपलब्ध होगा. दक्षिण-पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित होने पर वैकल्पिक ईंधन के रूप में सूबे की सरकार ने रसोई गैस संकट को देखते हुए राशनकार्ड धारकों को राहत देने के लिए यह कदम उठाया है. इस विशेष व्यवस्था का लाभ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आने वाले सभी राशनकार्ड धारियों को प्रदान किया जाएगा. यह व्यवस्था आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत लागू की गई है, ताकि रसोई गैस की किल्लत से कोई परिवार भोजन पकाने में असमर्थ न हो. वैसे परिवार जिनके पास राशनकार्ड है और वे पहले से जन वितरण प्रणाली का लाभ ले रहे हैं, उन्हें अब अनाज के साथ-साथ भोजन पकाने के लिए कोयला भी प्राप्त होगा जिससे उनके समक्ष रोजमर्रे की परेशानी का हल निकल सकेगा. वहीं प्रशासन का मानना है कि कोयला की आपूर्ति होने पर ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस की मांग में भी कमी आएगी इससे दूसरी ओर शहरों में रसोई गैस की आपूर्ति को भी आसान बनाया जा सकेगा.प्रति कार्ड धारक परिवार प्रत्येक माह कर सकेंगे 1 क्विंटल कोयले का उठाव
पीडीएस की दुकानों पर सभी राशनकार्ड धारक परिवार को इसके तहत प्रत्येक माह जलावन इंधन के रूप में 1 क्विंटल कोयला प्रदान किया जाएगा. हालांकि यह कोयला उन्हें किस दर पर उपलब्ध होगा इसके लिए मूल्य का निर्धारण फिलहाल नहीं हो पाया है. खाद्य आपूर्ति विभाग का भी कहना है कि अमूमन गांव में जलावन के रूप में रसोई गैस के अलावा अन्य और भी कई विकल्प मौजूद हैं इसके बावजूद सभी राशनकार्ड धारक परिवारों की मांग के अनुसार प्रति माह निर्धारित 1 क्विंटल तक कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित की जायेगी. सरकार के इस फैसले से जिले के कुल 1398 पीडीएस दुकानों के 7 लाख 34 हजार 647 परिवार लाभान्वित होंगे.
बोले अधिकारी
सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार पीडीएस की दुकानों पर सभी राशन कार्डधारक परिवार को अनाज के अलावा भोजन पकाने के लिए कोयले की भी आपूर्ति किये जाने का निर्देश प्राप्त हुआ है. प्रति परिवार के लिए प्रत्येक माह अधिकतम एक क्विंटल कोयला का निर्धारण किया गया है लेकिन उसकी कीमत का निर्धारण नहीं हो पाया है. कोयले की खरीद खनन विभाग के वेंडर से की जायेगी और डीलर को आवश्यकतानुसार इसकी आपूर्ति की जायेगी. जिले में जल्द ही इसकी शुरुआत होगी. इससे जिले के 7,34,647 राशन कार्डधारी परिवारों को इसका सीधा लाभ मिलेगा.
रविशंकर उरांव, जिला आपूर्ति पदाधिकारी