'रास्ता नहीं तो पढ़ाई कैसे?' भवानीपुर के त्रिलोकी टोला स्कूल की बड़ी समस्या पर जागा प्रशासन, खेतों से होकर गुजरते हैं छात्र

पूर्णिया जिले के भवानीपुर प्रखंड के एक सरकारी स्कूल तक पहुंचने के लिए कोई पक्का रास्ता नहीं है। छात्र-छात्राएं और शिक्षक हर दिन खेतों से होकर स्कूल जाते हैं, जिससे पढ़ाई बाधित हो रही है। स्थानीय प्रशासन ने इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान का आश्वासन दिया है।

Purnea News: पूर्णिया, भवानीपुर. जिले के भवानीपुर प्रखंड में एक सरकारी स्कूल ऐसा भी है, जहां पहुंचने के लिए आज तक आम रास्ता नहीं बन सका है. ग्राम पंचायत राज सोनमा के वार्ड संख्या दो स्थित प्राथमिक विद्यालय त्रिलोकी टोला बलिया तक पहुंचने के लिए छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को खेतों के बीच से होकर गुजरना पड़ता है. फसल लगी होने के दौरान खेत से होकर आने-जाने पर जमीन मालिकों और स्कूल आने वाले लोगों के बीच विवाद की स्थिति भी बन जाती है. रास्ते की इस समस्या से बच्चों की पढ़ाई और शिक्षकों की नियमित आवाजाही प्रभावित हो रही है.

स्कूल तक पहुंचने के लिए खेत ही बना रास्ता

विद्यालय की मूलभूत समस्याओं की जानकारी मिलने के बाद भवानीपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज कुमार मंगलवार को प्राथमिक विद्यालय त्रिलोकी टोला बलिया पहुंचे. उन्होंने विद्यालय की भौतिक स्थिति का जायजा लिया और शिक्षकों से स्कूल से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली. निरीक्षण के दौरान शिक्षकों ने बताया कि विद्यालय तक पहुंचने के लिए समुचित सड़क मार्ग उपलब्ध नहीं है. ऐसे में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को खेतों से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है. बारिश के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है.

फसल लगी होने पर जमीन मालिकों से हो जाता है विवाद

शिक्षकों ने बीडीओ को बताया कि खेतों से होकर बच्चों और शिक्षकों के आने-जाने के दौरान कई बार जमीन मालिकों की फसल क्षतिग्रस्त हो जाती है. इससे विवाद की स्थिति पैदा हो जाती है. फसल के बीच से होकर गुजरने के कारण बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है. कई बार रास्ते को लेकर विवाद होने से विद्यालय आने-जाने में बाधा उत्पन्न होती है. इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ने की आशंका रहती है.

BDO ने कहा, समस्या का स्थायी समाधान कराने का होगा प्रयास

निरीक्षण के बाद बीडीओ मनोज कुमार ने कहा कि विद्यालय तक आवागमन की समस्या को गंभीरता से लिया गया है. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों और जमीन मालिकों से संपर्क कर आपसी सहमति के आधार पर विद्यालय तक आने-जाने के लिए समुचित रास्ते की व्यवस्था कराने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा. उन्होंने कहा कि बच्चों और शिक्षकों को विद्यालय पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए. इसके लिए स्थानीय स्तर पर सभी संबंधित लोगों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा.

ग्रामीणों के साथ बैठक कर निकाला जाएगा रास्ता

जदयू नेता वरुण कुमार मंडल ने कहा कि विद्यालय की समस्या के समाधान के लिए जल्द ही सामाजिक स्तर पर बैठक आयोजित की जाएगी. बैठक में ग्रामीणों, जमीन मालिकों और अन्य संबंधित लोगों से बातचीत कर विद्यालय तक पहुंचने के लिए स्थायी और समुचित रास्ते की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जाएगा. उन्होंने कहा कि स्कूल तक रास्ता उपलब्ध होना बच्चों की शिक्षा से जुड़ा बुनियादी मुद्दा है. इसलिए सभी पक्षों के सहयोग से समस्या का समाधान निकालना जरूरी है.

रास्ते के अभाव में बच्चों की पढ़ाई पर असर की चिंता

सरकारी स्कूल तक पहुंचने के लिए आम रास्ता नहीं होना स्थानीय स्तर पर शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर सवाल खड़ा करता है. विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को रोज खेतों के रास्ते से गुजरना पड़ता है. वहीं शिक्षक भी इसी रास्ते से स्कूल पहुंचते हैं. यदि विद्यालय तक सुरक्षित और स्थायी रास्ता उपलब्ध कराया जाता है तो बच्चों और शिक्षकों की परेशानी दूर हो सकती है. साथ ही जमीन मालिकों के साथ होने वाले विवाद की आशंका भी खत्म होगी.

अब समाधान की उम्मीद लगाए बैठे ग्रामीण

Purnea News: बीडीओ के निरीक्षण के बाद ग्रामीणों को उम्मीद जगी है कि वर्षों से चली आ रही रास्ते की समस्या का समाधान निकलेगा. प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच सहमति बनने पर विद्यालय तक स्थायी पहुंच मार्ग तैयार किया जा सकता है. फिलहाल प्रशासन की ओर से ग्रामीणों और जमीन मालिकों से बातचीत कर रास्ता निकालने की पहल की बात कही गई है. अब देखना होगा कि यह प्रयास कब तक जमीन पर उतरता है और स्कूल के बच्चों को खेतों के रास्ते से होकर आने-जाने की मजबूरी से कब निजात मिलती है.


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By Prabhat khabar news desk

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