बजट का जश्न मनाने से पहले नये इनकम टैक्स बिल का करें इंतजार : पप्पू यादव

सांसद बोले

पूर्णिया. आम बजट पर 12 लाख तक की वार्षिक आय वालों को टैक्स में छूट दिए जाने की घोषणा पर व्यंग्य करते हुए सांसद पप्पू यादव ने कहा कि इसका जश्न मनाने से पहले जरा नए इनकम टैक्स बिल का इंतजार कर लीजिए. जिस तरह जीएसटी में आम जनता को उलझाया गया, उसी तरह सरकार इनकम टैक्स छूट में भी कोई नया झोल डालेगी. सांसद पप्पू यादव ने आम बजट को दिशाहीन, आम जनता के लिए हानिकारक और सिर्फ दिखावे का बजट करार दिया. उन्होंने कहा कि यह बजट मोदी सरकार की नीयत और नीतियों को उजागर करता है, जो सिर्फ अमीरों को फायदा पहुंचाने और गरीबों को बदहाल करने के लिए बनाया गया है. उन्होंने कहा कि इस सरकार से कोई उम्मीद नहीं बची, यह सिर्फ जनता को लूटने और ठगने का काम करती है. सांसद पप्पू यादव ने कहा कि सरकार गरीबों की जरूरतों की चीजों टूथपेस्ट, ब्रश, चाय, ब्रेड, मक्खन, कपड़े, पेंसिल और किताबों तक पर जीएसटी लगा रही है, जबकि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए जाते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार हर बार चुनावी स्टंट के रूप में बजट पेश करती है और बाद में अपनी काली नीयत को उजागर करती है. दिल्ली चुनाव के बाद महंगाई और ज्यादा बढ़ने की पूरी संभावना है. सांसद पप्पू यादव ने कहा कि पिछले 10 साल में मोदी सरकार ने जो भी बजट पेश किए, उनमें से 70-80 प्रतिशत योजनाओं पर कोई ठोस काम नहीं हुआ. सरकार सिर्फ बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन जमीन पर कुछ भी नहीं बदलता. उन्होंने कहा कि यह बजट भी जनता के साथ धोखा है और सरकार गरीबों और मजदूरों की अनदेखी कर सिर्फ पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने का काम कर रही है. सांसद पप्पू यादव ने स्वास्थ्य बजट में आयी भारी गिरावट को लेकर सरकार की कड़ी आलोचना की. उन्होंने बताया कि एमआरआइ जैसी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं पर कोई चर्चा नहीं की गई.कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए. गरीबों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिलना और मुश्किल हो जाएगा. सरकार मनरेगा जैसी योजनाओं में फंड कटौती कर मजदूरों के जीवन को और कठिन बना रही है. शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार की नीति निराशाजनक रही. सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के लिए बजट में कोई विशेष बढ़ोतरी नहीं की गई, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों की मुश्किलें और बढ़ेंगी. उन्होंने कहा कि सरकार को इस क्षेत्र में ठोस सुधार करने चाहिए थे, मगर यह बजट सिर्फ बड़े उद्योगपतियों के फायदे के लिए लाया गया है. मखाना बोर्ड के लिए रंग लाया मेरा प्रयास पूर्णिया के सांसद सांसद पप्पू यादव ने कहा है कि आम बजट के दौरान मखाना बोर्ड गठन की घोषणा बिहार के किसानों के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय है. मखाना उद्योग को अब राष्ट्रीय पहचान मिलेगी और यह स्थानीय किसानों के लिए वरदान साबित होगा. उन्होंने बताया कि इस दिशा में वे लगातार प्रयासरत रहे जिसका परिणाम सुखद साबित हुआ है. वित्त मंत्री की इस घोषणा की सराहना करते हुए सांसद श्री यादव ने कहा है कि मखाना किसानों और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने 15 जुलाई 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और 8 सितंबर 2024 को केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी को पत्र लिखकर मखाना किसानों की समस्याओं को उजागर किया था. उन्होंने आग्रह किया था कि पूर्णिया और कोसी-सीमांचल क्षेत्र में उन्नत तकनीक और आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराए जाएं ताकि मखाना उत्पादन को बढ़ावा मिल सके. सांसद पप्पू यादव ने बताया उत्तर बिहार के दरभंगा, मधुबनी, सुपौल और पूर्णिया जिले मखाना उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं. इस कदम से मखाना किसानों को उचित मूल्य मिलेगा, उत्पादन में बढ़ोतरी होगी और नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे. मखाने की बढ़ती वैश्विक मांग को देखते हुए सरकार ने इस क्षेत्र में सुधार और विस्तार की योजना बनायी है. मखाना बोर्ड के गठन से किसानों को उन्नत तकनीक, प्रशिक्षण और उचित बाजार मूल्य मिल सकेगा.

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By Prabhat Khabar News Desk

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