Patna News : पटना आवासीय इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर नगर निगम की ओर से भेजे गये नोटिस के बाद शहरवासियों की परेशानी बढ़ गयी है. नोटिस का जवाब देने के लिए लोग लगातार अंचल कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत पटना में चिह्नित 26 हजार 714 व्यावसायिक संपत्तियों में से अब तक 19 हजार 600 से अधिक संपत्ति मालिकों को नोटिस दिया जा चुका है.
पाटलिपुत्र अंचल में 450 से ज्यादा लोगों ने जवाब दाखिल किया
फिलहाल निगम की ओर से लोगों से सिर्फ अपना पक्ष रखने और जरूरी दस्तावेज जमा करने को कहा जा रहा है. अंचल कार्यालयों में रोजाना औसतन 30 से 40 लोग सुनवाई के लिए पहुंच रहे हैं. अब तक 1800 से अधिक लोगों की उपस्थिति दर्ज की जा चुकी है. इनमें अकेले पाटलिपुत्र अंचल में 450 से ज्यादा लोगों ने अपना जवाब दाखिल किया है.
अन्य श्रेणी में भी भेजे गये नोटिस
नगर निगम ने बड़ी संख्या में संपत्तियों को 'अन्य श्रेणी' में रखते हुए भी नोटिस भेजा है. इस श्रेणी में संपत्ति में किस तरह की व्यावसायिक गतिविधि चल रही है, यह स्पष्ट नहीं किया गया है.
नूतन राजधानी अंचल के राजा बाजार से भी कुछ लोग नोटिस के संबंध में अंचल कार्यालय पहुंचे. उनका कहना था कि उनके मकान में किसी तरह की व्यावसायिक गतिविधि नहीं होती है. मेयर को भी अजीमाबाद अंचल से 'अन्य श्रेणी' में नोटिस भेजे जाने की जानकारी सामने आयी है.
सिर्फ 10 फीसदी लोगों के पास जरूरी कागजात
अंचल कार्यालयों में सुनवाई के दौरान निगम को एक बड़ी समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है. निगम प्रशासन के अनुसार, अब तक सिर्फ करीब 10 प्रतिशत लोग ही स्वीकृत नक्शा लेकर पहुंच रहे हैं.
नोटिस का जवाब देने के लिए जमीन की रजिस्ट्री या खतियान की प्रति, अंचलाधिकारी द्वारा जारी दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), नगर निगम से स्वीकृत नक्शा, व्यावसायिक प्रतिष्ठान का रजिस्ट्रेशन और पहचान पत्र जैसे दस्तावेज जरूरी हैं.
नक्शा नहीं है तो देना होगा अंडरटेकिंग
अगर किसी मकान मालिक के पास स्वीकृत नक्शा नहीं है, तो उसे लिखित अंडरटेकिंग देनी होगी कि निर्माण बिना स्वीकृत नक्शे के हुआ है और वह जल्द नक्शा पास कराने की प्रक्रिया पूरी करेगा.
वहीं जो लोग शहर से बाहर हैं या बीमारी की वजह से सुनवाई में शामिल नहीं हो सकते, वे संबंधित अधिकारी से समय बढ़ाने का अनुरोध कर अगली तारीख ले सकते हैं.
गलत तरीके से व्यावसायिक टैक्स लगा तो ऐसे होगा सुधार
अंचल कार्यालयों में ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं, जहां आवासीय मकान को कर निर्धारण के दौरान गलती से व्यावसायिक श्रेणी में दर्ज कर दिया गया है.
पाटलिपुत्र अंचल में ऐसे ही एक मामले की सुनवाई के दौरान कार्यपालक पदाधिकारी पुण्य तरु ने बताया कि यदि किसी मकान का इस्तेमाल केवल आवासीय उद्देश्य से हो रहा है, लेकिन गलती से उस पर व्यावसायिक टैक्स लगाया जा रहा है, तो मकान मालिक जरूरी दस्तावेजों के साथ एफिडेविट जमा कर सकते हैं.
इसके बाद नगर निगम की टीम मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करेगी. जांच में दावा सही पाये जाने पर संपत्ति के म्यूटेशन रिकॉर्ड में आवश्यक सुधार किया जायेगा.
